बारां, 10 जनवरी।स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत शनिवार को विभिन्न गांव-कस्बों में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत गुड सेमेरेटन कार्यशाला आयोजित की गई, जिसके अंतर्गत समझाया गया कि डरो मत मदद करो। कोई एक्सीडेंट होने पर घायल को तुरंत अस्पताल पंहुचाएं। एम्बुलेंस को कॉल करें। मदद करें, जिम्मेदार नागरिक बनें। योजना में मददगार को दुआ के साथ इनाम भी मिलेगा।
प्रभारी अधिकारी डॉ. कल्पना शर्मा व जिला सड़क सुरक्षा समिति बारां के निर्देशन में आमजन से सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए समझाइश की गई। लोगों को बताया गया कि जीवन रक्षा के लिए घायलों की मदद करने वाले नेक लोगों के लिए केंद्र सरकार ने गुड सेमेरिटन योजना शुरू की है, जो ऐसे मददगारों को 25 हजार रुपए का इनाम देती है और उन्हें कानूनी झंझट से बचाती है, जिससे लोग निडर होकर मदद कर सकें। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर (दुर्घटना के बाद का पहला महत्वपूर्ण घंटा) के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना और उनकी जान बचाना है। मददगारों से पुलिस पूछताछ या अस्पताल में रुकने का दबाव नहीं डाला जाता और उन्हें गवाह बनने के लिए मजबूर नहीं किया जाता। अभियान में लोगों को डर के बिना मदद करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बताया गया कि गुड सेमेरिटन वो है जो किसी मोटर वाहन दुर्घटना के बाद घायल की तत्काल मदद करता है। योजना के तहत लोगों को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने, पुलिस को सूचना देने या अस्पताल ले जानकारी दी गई।
अभियान में सहायक प्रोग्रामर प्रमोद पांडे, सुरेश मीना और मनोज चौधरी ने बारां, बोहत, मांगरोल, रामगढ़, रेलावन, गरड़ा, केलवाडा, भंवरगढ़, किशनगंज प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों, पुलिस थानों, चौकियों एवं चौराहों र्प गुड सेमेरेटन कार्यक्रम में यातायात नियमों, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित करने के साथ साथ पंपलेट वितरण व समझाइश इत्यादि कार्य गए।


