झारखण्ड छात्र आन्दोलन में कूदी हिन्द मजदूर किसान पंचायत

सुनील बाजपेई
कानपुर। स्मार्ट हलचल|शिक्षा, परीक्षा और नियुक्ति में धंधली के विरोध में झारखंड में चल रहे आंदोलन में अब यूपी की हिन्द मजदूर किसान पंचायत भी कूद पड़ी है। झारखंड में आंदोलन का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय सचिव और यूपी के महामंत्री राकेशमणि पाण्डेय ने अपना एक प्रतिनिधि मण्डल भी छात्र आन्दोलन में भाग लेने के लिए भेजने का निर्णय लिया है। झारखंड में छात्रों के शान्तिप्रिय आन्दोलन के लिए बधाई भी देते हुए हिन्द मजदूर किसान पंचायत के महामंत्री श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने सवाल उठाया कि न्यू न्यू क्योंमें नियुक्तियों में पारदर्शिता क्यों नहीं अपनायी गयी। अपात्र लोगो की धन व प्रभाव के चलते नियुक्तियाँ किए जाने का आरोप लगाते हुए राकेश मणि पांडे ने कहा कि इस पूरी धांधली और भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से करायी जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लाभ कमाने की दृष्टि से सरकार तमाम पदों को समाप्त करने में लगी है। लोगों को संविदा पर कार्य करने के लिए विवश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार समान कार्य वेतन सिद्धान्त की खुद ही अवहेलना कर रही है। ऐसे में सब जगह युवा आक्रोशित हो रहा है। बेतहासा बेरोजगारी, हतासा में बदल कर छात्र आन्दोलन के लिए विवश हो रहे हैं।
श्रमिकों के हित में हो चुके अनेक आंदोलनों के भी अगुआकर भी रह चुके वरिष्ठ श्रमिक नेता राकेश मणि पांडे ने यह चेतावनी भी दी कि अगर समय रहते युवाओं को समुचित रूप से रोजगार परख बनाते हुए उनकी बेरोजगारी समाप्त किये जाने हेतु कड़े कदम नहीं उठाये गये तो सरकार के खिलाफ स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है ।
निठल्ले, बेहुदगी भरे वक्तव्य देने और एक दूसरे को नीचा दिखाने के अतिरिक्त कोई समुचित विधायकी कार्य नहीं यह जाने का भी आरोप लगाते हुए श्रमिक नेता राकेश मणि पांडे ने कहा कि जनता के टैक्स के रूप में मिले पैसे को सांसद व विधायकों पर खर्च करने के साथ ही अनाप सनाप मदों में भुगतान किया जाता है। हिंद मजदूर किसान पंचायत के महामंत्री राकेश मणि पांडे ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का राष्ट्रीयकरण किया जाने की मांग करते हुए कहा कि सभी प्रकार की शिक्षा सरकार को निःशुल्क करते हुए समान अवसर सभी को दिया जाना चाहिए।
हिंद मजदूर किसान पंचायत के महामंत्री राकेश मणि पांडे ने यह भी मांग की कि देश के सभी 65 वर्ष से अधिक के हर वृद्ध व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन के लिए न्यूनतम रू0 11000/- पेंशन, मुफ्त चिकित्सा एवं मुफ्त राशन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत अपने राष्ट्रीय सम्मेलन में इन मुद्दो को समुचित रूप से उठाने और जनमानस को आन्दोलन के लिए प्रेरित करने का कार्य करेगी।
मध्यावधि चुनावों पर पूरी तरह से रोक और उक्त पूरी अवधि तक राष्ट्रपति शासन लगाने भी मांग करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत एक देश एक चुनाव का समर्थन करती है, क्योंकि आये दिन होने वाले उप चुनावों में अपार धन-जन की हानि होती है।