उदलियास में हिंदू सम्मेलन आयोजित
सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- 1000 साल बाद हिंदू समाज जागृत हुआ है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 साल तक प्रयत्न किये तब आज हम यहां हैं लाखों गांवों में संघ के कार्यकर्ता गए तब जाकर हिंदू समाज शक्ति के रूप में खड़ा हुआ है । समाज बलशाली होना चाहिए । माताओ और बहनों का सम्मान करने वाला समाज खड़ा हो । बहने अस्त्र-शस्त्र चलाना सीखे पुलिस सेवा में जाए, सेना में जाए,कमांडो बने । संघ योजना कर रहा है, आने वाले 10 वर्षों में हमारी बेटियां हर क्षेत्र में सीनाताने शेरनी की तरह गर्जना करती नजर आएगी । समाज को तोड़ने वाले, बांटने वाले और भेद करने वाले समाज के शत्रु है । उनके मंसूबों को कामयाब न होने दे । कौन किस जाति में पैदा हुआ यह हमारे नहीं ईश्वर के हाथ है इसलिए अनावश्यक जाति का अहंकार न पालें । हिंदू समाज जागृत हुआ तो धारा 370 समाप्त, राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बन गये, उपयुक्त बात मंगलवार को उदलियास में आयोजित हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश चंद्र ने हिंदू सम्मेलन में मौजूद लोगों से कहीं । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महंत दीपक पुरी महाराज ने भी हिंदू समाज को जात-पात से ऊपर उठकर संघ के बताएं मार्ग पर चलने की बात कही । महिला अध्यक्ष मनीषा खारोल ने मातृशक्ति से महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, चंद्रशेखर आजाद एवं सुभाष चंद्र बोस जैसे देशभक्त पुत्र पैदा करने की बात कही । कार्यक्रम के अध्यक्ष गोपाल जाट ने सनातन धर्म को विश्व बंधुत्व का मार्ग बताया है । इससे शुभारंभ पर उदलियास मंडल के 13 गांवों से पहुंचे महिलाओं एवं ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत भवन के पास से शोभायात्रा निकाली जो 4 किलोमीटर दूर बाग के बालाजी मंदिर में पहुंचकर संपन्न हुई । शोभा यात्रा में रथ में सवार होकर चल रहे संतो के स्वागत में कस्बे वासियों ने पलक पांवड़े बिछा दिए । जगह-जगह रंगोली बनाई गई पुष्प वर्षा कर संत जनों का स्वागत किया गया, शोभायात्रा में भजन मंडली, झांसी की महारानी, राम सीता की संजीव झांकियां बनाई । जगह-जगह पहलवानों ने अखाड़ा प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित कर दिया । जय कारों से कस्बे का वातावरण धर्ममय हो गया । शोभायात्रा का पुष्प वर्षा का स्वागत किया । बाग के बालाजी मंदिर में 4000 लोगों के लिए भोजन प्रसादी बनाई गई । इस दौरान खंड प्रभारी सीताराम खटीक उपखंड पालक मनोज शर्मा, हरि सिंह राणावत, विष्णु शर्मा, लक्ष्मण गाडरी, किशन सिंह, भगवानलाल गुर्जर, नारायण लाल गाडरी, भेरू सिंह, महावीर सिंह, देबी सिंह, ब्रह्मलाल खारोल, छोटू लाल बलाई, सुरेंद्र सिंह, गोपाल माली, जगदीश चंद्र खटीक सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण व महिलाएं मौजूद रहे ।।













