बनावड़ 33/11 केवी जीएसएस पर लगेगा 5 एमवीए का हाईकैपेसिटी ट्रांसफार्मर, खत्म होगी लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग की बड़ी समस्या
नीरज मीणा
मंडावर/दौसा। स्मार्ट हलचल/वर्षों से बिजली संकट और लो-वोल्टेज की समस्या झेल रहे मंडावर क्षेत्र के लोगों के लिए आखिरकार बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) ने मंडावर क्षेत्र के महत्वपूर्ण 33/11 केवी बनावड़ ग्रिड सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। निगम मुख्यालय जयपुर से जारी आदेश के अनुसार अब बनावड़ जीएसएस पर वर्तमान में लगे 3.15 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 5.0 एमवीए क्षमता का नया हाईकैपेसिटी ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए विभाग द्वारा करीब 62 लाख 18 हजार 190 रुपये की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति जारी की गई है। आदेश 13 मई 2026 को जयपुर जोन के मुख्य अभियंता कार्यालय से जारी हुआ, जिसके बाद क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया।
लंबे समय से परेशान थे हजारों उपभोक्ता मंडावर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कई वर्षों से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई थी। गर्मी के मौसम में बिजली का लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाता था, जिसके चलते बार-बार ट्रिपिंग, फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी।
स्थिति यह थी कि कई गांवों में दिनभर बिजली होने के बावजूद पंखे तक सही गति से नहीं चल पाते थे। किसानों की सिंचाई मोटरें पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने के कारण बार-बार बंद हो जाती थीं। घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली उपकरण खराब होने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही थीं।स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई गई थी। अब निगम द्वारा ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि की स्वीकृति मिलने से लोगों को बड़ी उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।किसानों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा क्षेत्र की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी सिंचाई के दौरान होती थी। लो-वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल और मोटरें पर्याप्त क्षमता से नहीं चल पा रही थीं, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा था।
अब 5 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद किसानों को पर्याप्त वोल्टेज और बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। सिंचाई कार्य सुचारू होने से कृषि उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।व्यापार और घरेलू उपभोक्ताओं को भी राहत मंडावर कस्बे में लगातार बढ़ती आबादी और बिजली की मांग के कारण मौजूदा ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव था। गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य उपकरण चलने से लोड बढ़ जाता था और बिजली व्यवस्था लड़खड़ा जाती थी।
नए हाईकैपेसिटी ट्रांसफार्मर के लगने से दुकानदारों, छोटे उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी और आमजन को बार-बार बिजली कटौती से राहत मिलेगी।वर्ष 2026-27 बजट योजना में होगा कार्य विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्य वर्ष 2026-27 की बजट योजना के अंतर्गत किया जाएगा। साथ ही फीडरों के पुनर्गठन और तकनीकी सुधार के निर्देश भी जारी किए गए हैं ताकि भविष्य में ओवरलोडिंग जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के बाद मंडावर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था अधिक मजबूत और स्थायी बनेगी। इससे हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर
बनावड़ जीएसएस की क्षमता वृद्धि की स्वीकृति मिलने के बाद मंडावर और आसपास के गांवों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद क्षेत्र की सबसे बड़ी बिजली समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि कार्य जल्द शुरू होकर समय पर पूरा हो, ताकि आने वाली गर्मियों में उन्हें बेहतर बिजली सुविधा मिल सके।
