Homeराजस्थानउदयपुर-राजसमन्दलघु पुस्तिका में रेडियो का इतिहास

लघु पुस्तिका में रेडियो का इतिहास

उदयपुर। स्मार्ट हलचल/विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर उदयपुर के ख्यातनाम शिल्पकार एवं रेडियो के नियमित श्रोता चन्द्रप्रकाश चित्तौड़ा ने 2 इंच गुणा 3 इंच साइज में 94 पृष्ठीय रंगीन लघु पुस्तिका में रेडियो के सम्पूर्ण इतिहास को समेटा है। इस पुस्तक में रेडियो के करीब 50 तरह के विभिन्न मॉडल के रंगीन फोटो भी प्रकाशित किये है। रेडियो तनाव मुक्त एवं स्वस्थ जीवन का सशक्त माध्यम है। चित्तौड़ा का कहना है कि रेडियो का दौर कभी खत्म नहीं होने वाला है और हर पीढ़ी रेडियो का पसंद करती है। चित्तौड़ा बताते है कि आज भी कई गांव, ढाणी एवं दूर-सुदूर अंचल में रेडियो का विशेष महत्व है और रेडियो सूचना का सस्ता व सुलभ माध्यम है।
–000–
वेलेटाइन स्पेशल-स्टेपलर पीन से बनाया दिल
उदयपुर, 13 फरवरी। प्रेम-बंधन के लिए मनाए जाने वाले वेलेन्टाइन डे के अवसर पर शहर के उदयपुर के शिल्प आर्टिस्ट चन्द्रप्रकाश चित्तौड़ा ने 2024 स्टेपलर पिन से दिल का कलाकृति बनाई है। उन्होंने बताया कि स्टेपलर की पिन बंधन का मजबूत माध्यम है और वेलेनटाइन डे भी प्यार बंधन का दिवस है। उन्होंने चॉक व बाइंडिंग के धागे से भी दिल का सुंदर कलाकृति बनाई है। चित्तौड़ा का कहना है कि प्रेम शास्वत है चाहे वो परमात्मा से हो या किसी इंसान से।
wp-17693929885043633154854019175650
RELATED ARTICLES