होली व शीतला सप्तमी के मद्देनजर भीलवाड़ा में धारा 163 लागू , 10 से 17 मार्च तक जिले की सम्पूर्ण सीमा (शहरी/ग्रामीण) क्षेत्र में निषेधाज्ञा जारी

भीलवाड़ा, 10 मार्च । शीतला सप्तमी, अष्टमी, रंगतेरस पर्व पर रंग खेला जायेगा। इन त्यौहारों पर लोग एक-दूसरे को रंग व गुलाल लगाते है। असामाजिक तत्वों द्वारा उक्त पर्यो के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था तथा लोक व्यवस्था प्रभावित की जा सकती है। जिससे सामान्य जनजीवन विपरीत रूप से प्रभावित हो सकता है तथा विधि प्रतिकूल अन्य घटनाएं घटित होने की प्रबल संभावनाएं हो सकती है। ऐसी स्थिति में सामाजिक सद्भाव एवं लोक-शांति बनाये रखने हेतु तत्काल निरोधात्मक कार्यवाही किया जाना आवश्यक है ।

उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये जिला मजिस्ट्रेट जसमीत सिंह संधू ने कानून एवं लोक शांति बनाये रखने की दृष्टि से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये जिले की सम्पूर्ण सीमा (शहरी/ग्रामीण) क्षेत्र में इस प्रकार की घटनायें रोकने की दृष्टि से निषेधाज्ञा जारी करते हुये यह आदेश दिया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का विस्फोटक पदार्थ, घातक रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र जैसे-रिवोल्वर, पिस्टल, बन्दूक, एम.एल.गन, बी.एल.गन, राईफल आदि एवं अन्य हथियार जैसे-तलवार, भाला, कृपाण, बरछी, गुप्ती, कटार, गुप्ती, कटार, धारिया, बाघनख (शेर पंजा) घाणू, छुरी, गंडासा, फरसा जो किसी धातु के शस्त्र के रूप में बना हों इत्यादि तथा विधी द्वारा प्रतिबन्धित हथियार और मोटे घातक हथियार लाठी, ज्वलनशील पदार्थों हानिकारक रसायनों द्रव्यों से भरे गुब्बारों आदि सार्वजनिक स्थानों पर धारण कर न तो घुमेगा एवं ना ही प्रदर्शन करेगा और न ही साथ में लेकर चलेगा। परन्तु उपर्युक्त प्रतियन्ध निम्न अपवादों के साथ लागू होगा ।

यह आदेश ड्युटी पर तैनात बैंक सुरक्षा कर्मियों, सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान शस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस में तैनात अधिकारियों कर्मचारियों पर एवं उन राज्य एवं केन्द्रीय कर्मचारियों पर जो कानून एवं शांति व्यवस्था के संबंध में अपने हथियार रखने को अधिकृत किये गये है पर लागू नहीं होगा ।

सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी ।

यह आदेश शस्त्र अनुज्ञा-पत्र नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र पुलिस थाने में जमा कराने हेतु ले जाने पर लागू नहीं होगा। दिव्यांग एवं बीमार व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते है। यह चलने में सहारा लेने हेतु लाठी का उपयोग कर सकेगें ।

कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सदभावना को ठेस पहुँचाने वाले उत्तेजनात्मक एवं आपत्तिजन नारे नहीं लगायेगा, न ही ऐसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा, न ही ऐसे किसी पेम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की सामग्री का मुद्रण करवायेगा, वितरण करेगा या वितरण करवायेगा और न ही किसी एम्लीफायर, रेडियो, टेप रिकार्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियों-विडियो कैसेट या अन्य किसी इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगा, और ऐसे कृत्यों के लिये न ही किसी को दुष्प्रेरित करेगा।

इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया यथा Facebook, Twitter, Whatsapp, Youtube आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा।

जिला मजिस्ट्रेट जसमीत सिंह संधू ने सभी नागरिकों को इस आदेश की पालना करने एवं अवहेलना नहीं करने के निर्देश दिये। यदि कोई व्यक्त्ति उपर्युक्त प्रतिबन्धात्मक आदेशों का उल्लघंन करेगा, तो वह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अर्न्तगत अभियोजित किया जा सकेगा।

यह आदेश दिनांक 10 मार्च से 17 मार्च तक जिले की सम्पूर्ण सीमा (शहरी/ग्रामीण) क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।