Homeसीकरमौखिक आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आए जिम्मेदार होमगार्ड फ्लैग मार्च में...

मौखिक आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आए जिम्मेदार होमगार्ड फ्लैग मार्च में 15 होमगार्ड ही हुए शामिल,Home Guard flouting verbal orders

Home Guard flouting verbal orders

मौखिक आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आए जिम्मेदार होमगार्ड फ्लैग मार्च में 15 होमगार्ड ही हुए शामिल

दौसा|स्मार्ट हलचल/लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर शांतिपूर्ण चुनाव और भयमुक्त मतदान को लेकर पिछले दिनों 16 अप्रैल मंगलवार को जिला कलेक्टर देवेंन्द्र कुमार व दौसा पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा सहित पुलिस कर्मी तथा बीएसएफ के जवानों द्वारा दौसा शहर में फ्लैग मार्च निकाला था इससे पहले फ्लैग मार्च में दौसा केंद्र के होमगार्ड के जवानों को भी फ्लैग मार्च में शामिल होने के लिए मौखिक आदेश मिले थे। जिसमें फ्लैग मार्च के दौरान दौसा केन्द्र के लगभग 164 होमगार्ड में से मात्र 15 होमगार्ड ही फ्लैग मार्च में शामिल हुए। अफसरों ने जिन जिम्मेदार होमगार्ड को यह जिम्मेदारी दी थी वो ही जिम्मेदार होमगार्ड मौखिक आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। मौखिक आदेशों के अनुसार दौसा केंद्र के सभी होमगार्ड के जवानों को पीजी कॉलेज दौसा में शाम 5 बजे फ्लैग मार्च के लिए बुलाया गया था लेकिन शाम 5 बजे तक पीजी कॉलेज दौसा में फ्लैग मार्च के लिए मात्र 30 होमगार्ड ही पहुंचे। इसमें से भी एक घंण्टे बाद जो होमगार्ड पीजी कॉलेज फ्लैग मार्च के लिए आए थे उन्हें वापस घर जाने के लिए कह दिया गया था। कुछ देर बाद यानि शाम 6 बंजे जिला कलेक्टर और पुलिस के आलाअधिकारी सहित पुलिस के और बीएसएफ के जवान फ्लैग मार्च के लिए पीजी कॉलेज दौसा पहुंचे तभी जो होमगार्ड घर जा रहे थे वो पुलिस की बसें आने के बाद कुछ होमगार्ड वहां रुक गए और कुछ होमगार्ड वापस घर चले गए। शाम के 6:15 बंजे 15 होमगार्ड ही पुलिस के साथ फ्लैग मार्च में शामिल होकर शहर में फ्लैग मार्च किया । फ्लैग मार्च के दौरान जिला कलेक्टर देवेंन्द्र कुमार,एसपी रंजीता शर्मा, सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। चुनाव के समय और चुनाव ड्यूटी में अगर कोई भी अधिकारी कर्मचारी लापरवाही करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश है अब देखने की बात यह होगी की फ्लैग मार्च में नही आने वाले तथा लापरवाह होमगार्ड के ऊपर कार्रवाई की जाती है या नही। फ्लैग मार्च के दौरान एक होमगार्ड तो सफेद कलर के जूते पहने नजर आया हालांकि उस जवान का कहना था कि उसने होमगार्ड कार्यलय में अफसरों को जूते टूट जाने और नये जूते देने की बात कही थी लेकिन उसे जूते नही दिए। होमगार्ड के पास बाजार से नये जुते खरीदने के लिए उसके पास पैसे नही होने के कारण मजबूरन उसे दुसरे कलर के जूते पहन कर फ्लैग मार्च में शामिल होना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों ईद उल फितर पर्व पर कानून व्यवस्था ड्यूटी में दौसा केंद्र से लगभग 80 होमगार्ड जवानों को नियोजित किये गए थे जिसमें भी होमगार्ड ड्यूटी पर नही पहुंचना। ईद उल फितर पर्व की ईमरजैसी कानून व्यवस्था ड्यूटी में नही जाने वाले होमगार्ड के खिलाफ विभाग की और से कोई कार्रवाई नही की गई है।

wp-17693929885043633154854019175650
RELATED ARTICLES