जनगणना-2027 में कोई परिवार नहीं रहेगा छूटने से, बेघर लोगों की भी होगी गणना

800 से 850 की आबादी पर तैनात होगा एक प्रगणक, डिजिटल ऐप से जुटेंगे आंकड़े; ब्लॉकों के मिलान पर रहेगा विशेष जोर

अनिल कुमार खींची

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।भारत की जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना के दूसरे चरण में बेघर परिवारों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि कोई भी परिवार या क्षेत्र गणना से वंचित नहीं रहे। सामान्यतः 800 से 850 की आबादी पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। गणना में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पुराने और नए गणना ब्लॉकों का मिलान किया जाएगा। शुक्रवार को आईटीआई संस्थान में शुरू हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण में नियमित एवं तकनीकी सहायकों को गणना प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।

उपजिला जनगणना अधिकारी एवं आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की उपनिदेशक शबनम खोरवाल की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में जिला, नगरीय और ग्रामीण चार्जों के 14 नियमित सहायकों तथा 14 तकनीकी सहायकों ने भाग लिया। निदेशालय की ओर से वाई.पी. वर्मा और चंदन सिंह प्रशिक्षण दे रहे हैं।

मोबाइल ऐप से होगी जनसंख्या गणना

प्रशिक्षण के दौरान वाई.पी. वर्मा ने बताया कि जनगणना का कार्य प्रगणकों और सुपरवाइजरों द्वारा पीई मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए एंड्रॉयड-13 या उससे ऊपर के वर्जन तथा 8 जीबी रैम वाले मोबाइल की आवश्यकता होगी। बड़े गणना ब्लॉकों में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त प्रगणक लगाए जा सकेंगे। चार्ज स्तर पर कार्मिकों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि मकान सूचीकरण के प्रथम चरण में नियुक्त प्रगणकों और सुपरवाइजरों में अनावश्यक बदलाव नहीं किए जाएंगे। स्थानांतरण की स्थिति में संबंधित कार्मिक के स्थान पर नए कार्मिक की नियुक्ति की जाएगी। बेघर परिवारों की गणना के दौरान प्रगणकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कार्मिक भी लगाए जाएंगे।

परिवारों को मिलेगी क्रम संख्या

प्रशिक्षक चंदन सिंह ने सीएमएमएस पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि दूसरे चरण में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को संक्षिप्त मकान सूची (एएचएल) उपलब्ध कराई जाएगी। यह सूची मकान सूचीकरण और जनसंख्या गणना के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी। इसके आधार पर प्रत्येक गणना ब्लॉक में परिवारों को क्रम संख्या आवंटित की जाएगी, जो आगामी सर्वेक्षणों में भी उपयोगी होगी।

प्रशिक्षणार्थियों को प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और गणना ब्लॉकों का सही मिलान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि गणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, ताकि कोई परिवार छूटने न पाए।

सटीक आंकड़ों से बनेगी योजनाओं की रूपरेखा

प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना-2027 डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। इसके तहत जनसंख्या संबंधी आंकड़ों का व्यवस्थित संकलन और सुरक्षित संचयन किया जाएगा। इन आंकड़ों के आधार पर सरकारी योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने का आह्वान किया। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान आने वाली तकनीकी और अन्य समस्याओं का जिला स्तर पर समय-समय पर समाधान किया जाएगा।