प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह हादसा सड़क पर पहले से पलटे एक टैंकर को बचाने की कोशिश के दौरान हुआ। टैंकर की टक्कर से बचाने की कोशिश में एक बस ड्राइवर का स्टीयरिंग पर कंट्रोल नहीं रहा और बस डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में जाकर सामने से आ रही दूसरी बस से सीधे टकरा गई। दोनों ही बसें अत्यधिक स्पीड में थीं, जिसके चलते बस पलटने और आग लगने के कारण कई पैसेंजर्स को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। करीब आधे घंटे की कोशिशों के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया था।
कलेक्टर तेजस पटेल ने दुर्घटना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा शाम 4:30 बजे हुआ। वर्तमान में 17 घायलों का इलाज बारडोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में किया जा रहा है और उनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। सभी का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों द्वारा किया जा रहा है। वहीं, 7 गंभीर घायलों को सूरत सिविल अस्पताल रेफर किया गया है, जिनमें से तीन की हालत बेहद नाजुक है।
स्थानीय पुलिस ने दुर्घटनास्थल का मुआयना कर दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू करवाया है। मृतकों के शवों का पंचनामा करवाकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे के कारणों की विस्तृत कानूनी जांच जारी है।
