स्मार्ट हलचल|खजूरी से शकरगढ़ तक निर्माणाधीन बिजली लाइन कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। बिजली विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से लगाए जा रहे पोल सड़क के बिल्कुल किनारे, कई स्थानों पर सड़क सीमा के अंदर तक स्थापित कर दिए गए हैं, जिससे न केवल नियमों की अनदेखी हो रही है बल्कि आमजन की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क को हो रहा नुकसान, हादसे का खतरा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पोल लगाने के दौरान भारी मशीनों और लापरवाहीपूर्ण कार्यशैली के कारण सड़क कई जगह से टूटने लगी है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
नियम क्या कहते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार:
Electricity Act 2003 के तहत बिजली विभाग को लाइन बिछाने का अधिकार जरूर है, लेकिन सार्वजनिक सुरक्षा और निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है।
PWD नियमों के मुताबिक सड़क किनारे किसी भी स्थायी संरचना को सुरक्षित दूरी से बाहर स्थापित करना जरूरी होता है।
ग्रामीणों ने उठाई आवाज
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा जल्दबाजी और लापरवाही में कार्य किया जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति (सड़क) को नुकसान पहुंच रहा है।
PWD अधिकारी का बयान
PWD के सहायक अभियंता बने सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बिजली विभाग के ठेकेदार द्वारा नियमों के विरुद्ध पोल लगाए जा रहे हैं, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नियमों के खिलाफ लगाए गए पोलों को हटाकर उचित दूरी पर पुनः स्थापित कराया जाएगा।
