Thursday, May 21, 2026

अलीगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन बेलगाम-सख्ती के बाद भी पुलिस की कार्यशैली में नहीं है सकारात्मक सुधार

शिवराज बारवाल मीना

– अवैध बजरी, शराब और सट्टे की चर्चाओं से गरम उनियारा सर्किल, पुलिस-दलाल गठजोड़ के आरोप

टोंक/अलीगढ़|स्मार्ट हलचल|उनियारा सर्किल क्षेत्र में इन दिनों अवैध बजरी परिवहन और अन्य अवैध गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। क्षेत्र के लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस की सख्ती के दावों के बावजूद अलीगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियां आखिर किस तरह जारी हैं।
जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक टोंक राजेश कुमार मीणा और पुलिस उपाधीक्षक उनियारा आकांक्षा चौधरी द्वारा अवैध गतिविधियों पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर हालात पूरी तरह नियंत्रित नहीं होने की चर्चा है। जबकि टोंक जिला पुलिस में अलीगढ़ थाना हमेशा अवैध गतिविधियों के मामलों को लेकर चर्चा में बना रहता है। हाल ही के कुछ महीनो में अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के चलते कुछ पुलिसकर्मियों पर गाज भी गिर चुकी है, उसके बाद भी थाना पुलिस के हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं।
*अवैध गतिविधियों को लेकर लग रहे आरोप*
स्थानीय सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन, अवैध शराब बिक्री और जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों के जारी रहने की बात कही जा रही है। आरोप है कि इन गतिविधियों को कथित रूप से कुछ लोगों और कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से संरक्षण मिल रहा है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि अवैध बजरी परिवहन करने वाले वाहनों से कथित तौर पर मासिक एंट्री और चौथ वसूली की व्यवस्था चलने की भी चर्चाएं हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
*कई मार्गों से गुजर रहे ओवरलोड बजरी के वाहन*
अलीगढ़ क्षेत्र के स्थानीय लोगों का कहना है कि अलीगढ़ कस्बा, बामनिया, दशहरा मैदान, सहादतनगर, खेड़ली हाईवे, चोरू, पचाला, आमली मोड़, पाटोली, नाहरी और देवली सहित कई इलाकों से अवैध बजरी से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का परिवहन खुलेआम किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ये वाहन दिन-रात सड़कों पर दौड़ते देखे जा सकते हैं।
*दुर्घटना का खतरा बढ़ा*
ग्रामीणों के अनुसार ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अक्सर तेज रफ्तार से गुजरती हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई जगहों पर बजरी के ओवरलोड वाहनों से क्षेत्र में सड़कें भी क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने लगातार सामने आ रही हैं।
*प्रशासन से कार्रवाई की मांग*
क्षेत्र के लोगों ने जिला व उपखण्ड प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संलिप्तता रखने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लग सके और आमजन को राहत मिल सके।