बनेठा थाना क्षेत्र में अवैध बजरी खनन बेलगाम, पुलिस-वन विभाग पर संरक्षण के आरोप

दिन-रात दौड़ रहे ओवरलोड वाहन,संयुक्त एसआईटी पर उठे सवाल

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलहल|टोंक जिले में पुलिस अधीक्षक एवं जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद उनियारा सर्किल के बनेठा थाना क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और ओवरलोड परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में कथित रूप से दिन-रात बजरी से भरे वाहनों की आवाजाही जारी रहने से स्थानीय पुलिस, वन विभाग तथा संयुक्त एसआईटी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बनेठा थाना क्षेत्र में प्रतिदिन 200 से अधिक अवैध एवं ओवरलोड बजरी वाहनों का आवागमन हो रहा है। हाल के दिनों में दिनदहाड़े भी खुलेआम अवैध खनन एवं परिवहन होने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पुलिस अधीक्षक टोंक द्वारा जारी कंट्रोल रूम एवं हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देने के बावजूद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। कुछ लोगों का आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय सूचना कथित रूप से खनन माफियाओं तक पहुंच जाती है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
*इन क्षेत्रों में जारी होने के आरोप*
स्थानीय लोगों के अनुसार बनेठा थाना क्षेत्र के मीणों की झोपड़ियां, कीरों की झोपड़ियां, खद्दों की झोपड़ियां, बनेठा कस्बा, सुरेली रोड, सूरज्या भैरूं मोड़, केरोद, चिताणी, खोहल्या, रूपपुरा, सूंथड़ा, रूपवास, ककोड़ तथा गुमानपुरा टोल प्लाजा के आसपास कथित रूप से अवैध बजरी एवं पत्थर खनन तथा परिवहन लगातार जारी है। ग्रामीण समय-समय पर फोटो और वीडियो भी मीडिया तक पहुंचा रहे हैं।
*जनसुनवाई में भी उठ चुका है मामला*
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन एवं परिवहन का मुद्दा पूर्व में क्षेत्रीय विधायक राजेन्द्र गुर्जर की मौजूदगी में जिला कलेक्टर टीना डाबी तथा उपखण्ड अधिकारी, उनियारा की जनसुनवाई एवं ग्रामीण सेवा शिविरों में भी उठाया जा चुका है। इसके बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा।
*पुलिस और वन विभाग पर संरक्षण के आरोप*
कुछ स्थानीय लोगों एवं खनन से जुड़े व्यक्तियों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर आरोप लगाया कि इन अवैध गतिविधियों को कथित रूप से पुलिस एवं वन विभाग का संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना है कि इसके कारण आमजन को निर्माण कार्यों के लिए दोगुने दामों पर बजरी खरीदनी पड़ रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
*कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच की मांग*
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अवैध खनन प्रभावित क्षेत्रों में गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों तथा वन विभाग के कार्मिकों की कॉल डिटेल (सीडीआर) और व्हाट्सएप चैट की जांच कराने की मांग की है, ताकि यदि किसी प्रकार की सांठगांठ है तो उसकी सच्चाई सामने आ सके।
*संयुक्त एसआईटी की कार्यप्रणाली पर सवाल*
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अवैध खनन रोकने के लिए गठित पांच विभागों की संयुक्त एसआईटी अपेक्षित प्रभाव नहीं दिखा पा रही है। उनका कहना है कि टीम केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रही है, जबकि क्षेत्र में अवैध गतिविधियां लगातार जारी हैं।
*पहले भी हो चुकी है कार्रवाई*
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी अवैध खनन एवं परिवहन मामलों में कथित संलिप्तता के आरोपों के चलते बनेठा थाना सहित उनियारा सर्किल के अन्य थानों में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, वन विभाग एवं खनन विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।