शिवराज बारवाल मीना
टोंक/अलीगढ़।स्मार्ट हलचल।उनियारा सर्किल अंतर्गत पुलिस थाना अलीगढ़ ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध शराब ब्रांच का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमार कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में अंग्रेजी व देसी शराब, बीयर तथा एक फ्रिज बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में संचालित अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के नेतृत्व में जिलेभर में इन दिनों अपराध एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन लाल भार्गव एवं पुलिस वृत्ताधिकारी उनियारा आकांक्षा चौधरी के निर्देशन में अलीगढ़ थाना पुलिस ने ग्राम देवली में संचालित अवैध शराब ब्रांच पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी दिलखुश मीणा पुत्र हेमराज मीणा (27 वर्ष) निवासी देवली, थाना अलीगढ़, जिला टोंक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा मौके से भारी मात्रा में अवैध शराब एवं बीयर जब्त की गई। जब्त सामग्री में 812 पव्वे देसी शराब, 30 बोतल अंग्रेजी शराब, 67 अद्धे अंग्रेजी शराब, 132 पव्वे अंग्रेजी शराब, 164 बीयर की बोतलें, 108 बीयर कैन तथा बीयर को ठंडा रखने के लिए उपयोग में लिया जा रहा एक फ्रिज शामिल है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद समस्त सामग्री को जब्त कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 19/54 के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध शराब का यह नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था तथा इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। कार्रवाई को सफल बनाने में थाना अलीगढ़ के हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार, कांस्टेबल नरोत्तम, कांस्टेबल विष्णुलाल एवं चालक लक्ष्मण की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल टीम की सराहना करते हुए भविष्य में भी अवैध गतिविधियों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
*डीएसटी की ताबड़तोड़ कार्रवाई से स्थानीय थाना पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल*
गौरतलब है कि टोंक जिले में जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) द्वारा लगातार की जा रही ताबड़तोड़ एवं रिकॉर्ड स्तर की कार्रवाइयों ने स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ समय से डीएसटी द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में साइबर ठगी, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, गांजा, भांग, स्मैक, ड्रग्स, अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा तथा अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के मामले सामने आए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिन अवैध गतिविधियों की जानकारी आमजन को आसानी से हो जाती है, वे स्थानीय पुलिस के आसूचना तंत्र, बीट अधिकारी और बीट प्रभारियों की नजर में क्यों नहीं आतीं। लोगों का मानना है कि नए पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के पदभार ग्रहण करने के बाद जिले में कार्रवाई की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि जिला स्तर की विशेष टीमें लगातार खुलासे कर रही हैं तो स्थानीय स्तर पर पुलिस निगरानी और सूचना तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीरता से समीक्षा की जानी चाहिए। क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन भी इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस अधीक्षक की सख्ती के बावजूद उनियारा सर्किल सहित कई क्षेत्रों में अवैध बजरी परिवहन खुलेआम संचालित होता दिखाई देता है। ऐसे में लोगों की अपेक्षा है कि जिला पुलिस की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के साथ-साथ स्थानीय थाना स्तर पर भी नियमित निगरानी, प्रभावी गश्त और मजबूत आसूचना तंत्र विकसित किया जाए ताकि अपराध और अवैध गतिविधियों पर स्थायी रूप से अंकुश लगाया जा सके।फिलहाल अलीगढ़ थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जिले में अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।