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कासावती नदी को अवैध खनन से बचाने के लिए एनजीटी ने नोटिस जारी किए

पाटन.स्मार्ट हलचल/क्षेत्र की प्राचीन कासावती नदी के बहाव क्षेत्र में अवैध खनन के प्रकरण में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से भारत सरकार, राजस्थान सरकार और हरियाणा के विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश मीणा और अमित कुमार की ओर से दायर याचिका पर प्राधिकरण की दिल्ली बेंच ने 8 अप्रैल को नोटिस जारी किए हैं।
याचिका के अनुसार, राजस्थान के नीमकाथाना और हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में बहने वाली कासावती नदी के बहाव क्षेत्र में अवैध खनन के लिए गहरे गड्डे खोदकर उन्हें बाद में खुला छोड़ दिया जाता है, खनन प्रक्रिया के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों की खुली अवहेलना हो रही है। इन गतिविधियों से कासावती नदी का अस्तित्व खतरे में है। अवैध खनन के कारण इस क्षेत्र का भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है, इस कारण से इलाके के लोगों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है।प्राधिकरण ने अगली सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारिख तय करते हुए कुल 13 प्रतिवादियों से जवाब मांगा है। इस प्रकरण में भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय एवं जल संसाधन तथा नदी विकास मंत्रालय और राजस्थान मुख्य सचिव के साथ-साथ राज्य के जल संसाधन, भूजल तथा खान विभागों, नदी बेसिन प्राधिकरण, प्रदूषण नियन्त्रण मंडल, नीमकाथाना जिला कलक्टर से जवाब मांगा गया है। साथ ही, हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, सिंचाई विभाग, जल संसाधन प्राधिकारण और जिला कलक्टर महेंद्रगढ़ को भी नोटिस जारी किए हैं।

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