पुनित चपलोत
भीलवाड़ा / महात्मा गांधी चिकित्सालय परिसर में गुरुवार को मानवता और ईमानदारी की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। अस्पताल में भर्ती अपनी बहू की देखभाल करने आई एक बुजुर्ग महिला का रुपयों से भरा पर्स परिसर में ही कहीं गिर गया था, जिसे अस्पताल में तैनात सतर्क होमगार्ड कर्मियों ने पूरी ईमानदारी के साथ बुजुर्ग महिला के परिवार को सुरक्षित सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, मारुति नगर निवासी कैलाश ओड की माताजी अपनी बहू का रखरखाव (देखभाल) करने के लिए महात्मा गांधी के चिकित्सालय आई थीं। इसी दौरान जल्दबाजी या अनजाने में उनका पर्स अस्पताल परिसर में ही कहीं गिर गया। उस पर्स में 10,000 रुपये की नकदी और छोटे-मोटे जेवरात थे। अस्पताल परिसर में गश्त और व्यवस्था संभाल रहे होमगार्ड कर्मी बालमुकुंद त्रिपाठी और पारसमल सोनी को यह लावारिस पर्स मिला। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना महात्मा गांधी चिकित्सालय पुलिस चौकी को दी। दोनों जवानों ने
ईमानदारी का परिचय देते हुए पर्स को खोला नहीं और सीधे पुलिस को सौंप दिया ताकि उसके असली मालिक की तलाश की जा सके।
चिकित्सालय पुलिस चौकी के प्रभारी कृष्ण गोपाल की मौजूदगी में पुलिस और होमगार्ड जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पर्स के मालिक का पता लगाया। इसके बाद बुजुर्ग महिला के पुत्र कैलाश ओड (निवासी मारुति नगर) को चौकी पर बुलाया गया। सभी सामान और 10,000 रुपये नकदी का मिलान करने के बाद, प्रभारी कृष्ण गोपाल के सामने होमगार्ड जवानों ने वह पर्स कैलाश ओड को सौंप दिया। अपना खोया हुआ पर्स और गाढ़ी कमाई के पैसे सुरक्षित पाकर कैलाश ओड और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। पीड़ित परिवार ने होमगार्ड कर्मी बालमुकुंद त्रिपाठी, पारसमल सोनी और पुलिस चौकी प्रभारी कृष्ण गोपाल का सहृदय आभार व्यक्त किया। अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य लोगों ने भी दोनों होमगार्ड जवानों की इस ईमानदारी की जमकर सराहना की ।
