अकस्मात निधन के बाद हुआ अमर नेत्रदान, पत्नी के प्रेरणादायी निर्णय ने दो लोगों के जीवन में जगाई रोशनी

रणवीर सिंह चौहान भवानी मंडी
भवानीमंडी
स्मार्ट हलचल /भवानीमंडी के प्रतिष्ठित नागरिक एवं आईसीआईसीआई बैंक से रिटायर्ड एवं जैन चिंतामणि पार्श्वनाथ संघ के वरिष्ठ कोषाध्यक्ष श्री अशोक कुमार पिछोलिया के आकस्मिक निधन के उपरांत उनके परिवार ने मानवता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करते हुए भवानी मंडी से 159 वा उनका नेत्रदान कराया।
इस अत्यंत दुःखद घड़ी में भी उनकी धर्मपत्नी ने अद्भुत साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जब उनसे शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र एवं जैन सोशल ग्रुप के नेत्रदान प्रभारी नरेंद्र जैन ने बात की तो तत्काल नेत्रदान के लिए अपनी सहमति प्रदान की। एवं कहा कि ओर भी कोई अंग अगर किसी के काम आ सकते हो तो वो भी दान करवा दे उनके इस निर्णय से दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी का संचार होगा। समाज इस प्रेरणादायी निर्णय को सदैव स्मरण रखेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी अशोक कुमार जी के परिवार ने सेवा और मानवता का परिचय देते हुए उनकी माताजी का भी नेत्रदान कराया था। लगातार दूसरी पीढ़ी द्वारा किया गया यह नेत्रदान समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।
नरेंद्र जैन ने बताया कि जैसे ही उन्हें अशोक लोढ़ा के द्वारा पता चला उन्होंने परिजनों को नेत्रदान के महत्व से अवगत कराया, जिसके बाद परिवार ने तुरंत सहमति प्रदान की और कोटा शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड को सूचना दी ओर जैसा हमेशा होता हे तुरंत कोटा से टीम ने भवानी मंडी पंहुच कर सफलतापूर्वक नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण की
इस नेत्रदान में अशोक लोढ़ा,राजेश नाहर,विकास जैन, विवेक जैन ,अंकित जैन का विशेष सहयोग रहा ।परिवार के सभी सदस्यों ने नेत्रदान प्रक्रिया को ध्यान से देखा जिसमें कॉर्निया की एक पतली सी झिल्ली ली जाती हे यह जाना ।
शाइन इंडिया फाउंडेशन एवं जैन सोशल ग्रुप ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा कहा कि श्री अशोक कुमार जी का यह अमर नेत्रदान मानव सेवा का ऐसा कार्य है जो आने वाली पीढ़ियों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करता रहेगा।
“मृत्यु अंत नहीं, यदि नेत्रदान हो जाए तो किसी की अंधेरी दुनिया में नई सुबह का उदय हो जाता है।”