चित्तौड़गढ़।स्मार्ट हलचल| चित्तौड़गढ़ शहर के महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, चित्तौड़गढ़ में सौंदर्यकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद भवनों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। भूगोल विभाग में हाल ही में छत का प्लास्टर अचानक गिर गया, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घटना के बाद कॉलेज स्टाफ में भय का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, बीते छह महीनों से महाविद्यालय विकास समिति के माध्यम से कराए जा रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्य बिना किसी ठोस योजना और तकनीकी निरीक्षण के कराए जा रहे हैं। इसके चलते विकास समिति के फंड का समुचित और पारदर्शी उपयोग नहीं हो पा रहा है।
कॉलेज परिसर में पहले रंगाई-पुताई करवाई गई, उसके बाद उल्टी छत का प्लास्टर कराया गया। इसके बावजूद एक बार फिर रंगाई-पुताई पर अतिरिक्त राशि खर्च की गई। इतना ही नहीं, छत पर चाइना मोजैक भी लगवाई गई। इस दौरान पुरानी टाइल्स हटाने से उल्टी छत का प्लास्टर गिरने लगा। बीच में बरसात होने से छत से पानी टपकने लगा, जिससे भवन की संरचना और अधिक कमजोर हो गई।
छत से लगातार प्लास्टर गिरने की घटनाओं के कारण कॉलेज में कभी भी गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। स्टाफ और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सौंदर्यकरण के नाम पर अनावश्यक और बार-बार किए जा रहे कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि मूलभूत संरचनात्मक मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
इस पूरे मामले ने विकास कार्यों की गुणवत्ता, योजना और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जरूरत है कि उच्च स्तर पर जांच करवाई जानी चाहिए, ताकि जनधन के दुरुपयोग पर रोक लगे और कॉलेज परिसर को सुरक्षित बनाया जा सके।

