चित्तौड़ प्रांत के तीन दिवसीय संस्कृति महोत्सव का शुभारंभ

( रमेशचंद्र डाड)

आकोला|स्मार्ट हलचल|मांडलगढ़ में तीन दिवसीय संस्कृति महोत्सव का उद्घाटन रविवार को प्रातः 9 बजे स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर सभागार में किया गया।उद्घाटन समारोह के मुख्य वक्ता विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत सचिव मानेंग पटेल रहे। मुख्य अतिथि राजस्थान क्षेत्र के संस्कृति बोध परियोजना संयोजक कैलाशचंद्र तथा विशिष्ट अतिथि विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के संस्कार केंद्र प्रमुख पूनम सिंह राठौड़ एवं विधायक प्रतिनिधि मनोज कुमार सनाढ्य रहे।उद्धघाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता मानेंग पटेल ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, कला एवं प्रतिभा का विकास करना है। तीन दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।तीन दिवसीय संस्कृति महोत्सव के अंतर्गत रविवार को शिशु, बाल, किशोर एवं तरुण वर्ग के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें प्रश्न मंच, कविता पाठ, मूर्तिकला, सुगम संगीत, अंत्याक्षरी, लोकनृत्य तथा आचार्य पत्र वाचन जैसी प्रतियोगिताएँ शामिल रहीं। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रतियोगिताओं में भाग लिया।

स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य गणपत सिंह वर्मा ने बताया कि इस संस्कृति महोत्सव में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के 11 जिलों से आए 275 प्रतिभागी भैया-बहिन एवं आचार्य-दीदी भाग ले रहे हैं।

उद्घाटन समारोह में भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सचिव देवराजसिंह राणावत,
स्थानीय विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी आचार्य दीदी उपस्थित थे।