संघ ने भारत राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए लिया पंच परिवर्तन का संकल्प: राठौड़
परिवर्तन और संस्कारों का फिर से संवाहक बने शिक्षक :पुष्करणा
जिनके जीवन में गुणों का समुच्चय,उन्हीं में व्यवस्था परिवर्तन की क्षमता: भट्ट
बेगूं।स्मार्ट हलचल|राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) जिला शाखा चित्तौड़गढ़ का तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग 03 जनवरी सांय से 5 जनवरी तक बानोडा बालाजी बेगूं में आयोजित हुआ।जिला मंत्री कैलाश चंद्र मालू ने बताया कि संगठन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग में कुल नौ सत्र आयोजित हुए जिनमें संगठन के बौद्धिक कर्ताओं द्वारा विभिन्न विषयों को लेकर पाथेय प्रदान किया।मुख्य वक्ता के रूप में प्रथम सत्र विस्तृत परिचय व व्यवस्था जानकारी के तेजपाल सिंह शक्तावत जिला सभाध्यक्ष ने जानकारी प्रदान की,अभ्यास वर्ग का उद्देश्य,महत्व में जगजीतेंद्र सिंह प्रांत महामंत्री अखिल भारतीय साहित्य ने कहा कि राष्ट्र परिवर्तन के लिए वैचारिक प्रतिष्ठान का दृढ़ संकल्प आवश्यक है।मैकाले की शिक्षा पद्धति से उत्पन्न विसंगतियों को ठीक करने की जिम्मेदारी हमारे शिक्षकों की है ताकि हम राष्ट्रवादी समाज का निर्माण कर सके।संगठन के कैलाश चंद्र सुथार संभाग उपाध्यक्ष और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भीलवाड़ा ने संगठन की कार्य पद्धति और परिचय विषय पर विचार रखते हुए कहा कि संगठन में हम परिवार भाव से कार्य करते है।भारतीय सांस्कृतिक रीति नीति और विचार ही संगठन की विचारधारा है अर्थात भारत का विचार संगठन की विचारधारा है ।अखिल भारतीय साहित्य परिषद के विभाग मंत्री रामप्रसाद मानम्या ने वैचारिक अधिष्ठान एवं कार्यकर्ता व कोष विषय पर कहा कि आज भी विश्व भारत के चिंतन की और देख रहा है।सबको साथ लेकर चलना ही भारतीय संस्कृति है।हमारी भाषाएं अलग है लेकिन विचार एक है।देश के राष्ट्रीय समाज को संगठित करने के लिए 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई। पंच परिवर्तन और विमर्श विषय पर विचार रखते हुए महिपाल सिंह राठौड़ प्रांत संयोजक धर्म जागरण समन्वय चित्तौड़ प्रांत ने कहा कि संस्कार निर्माण के लिए एक भी दिन का अवकाश नहीं के भाव से कार्य करने वाला विश्व का एकमात्र संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है।संघ ने जाति,पंथ ,संप्रदाय से ऊपर उठकर राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए अपने शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन का संकल्प लिया।संघ सामाजिक समरसता,कुटुंब प्रबोधन,पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण और नागरिक शिष्टाचार के माध्यम से राष्ट्रवादी समाज का निर्माण करना चाहता है।श्रेणीवार बैठक में विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा करते हुए संगठन द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की ओर ध्यानाकर्षण करते हुए जिला अध्यक्ष पूरण मल लौहार ने समस्त कार्यकर्ताओं की जिज्ञासाओं का जवाब दिया।
जिला अध्यक्ष पूरण मल लौहार ने बताया कि प्रशिक्षण के तृतीय दिवस प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि हम पहले ऋषि परंपरा से गुरु और गुरु से शिक्षक बन गए है।हमें फिर से शिक्षक से आचार्य बनने के लिए कार्य करना है क्योंकि बालकों का सर्वांगीण विकास करना शिक्षकों की प्रमुख जिम्मेदारी है।नशा मुक्त भारत और आदर्श व्यक्ति निर्माण करते हुए परिवर्तन और संस्कारों का संवाहक शिक्षक बने।हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ प्रदेश प्रकोष्ठ सदस्य प्रकाश चंद्र बक्शी ने हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ संकल्पना को साकार करने के लिए शिक्षकों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभावी प्रार्थना सभा,मासिक गीत,प्रेरक प्रसंग जैसी राष्ट्रवादी गतिविधि से व्यापक परिवर्तन और संस्कार निर्माण संभव है।
वर्ग के समारोप सत्र मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह दिनेश भट्ट का पाथेय प्राप्त हुआ।भट्ट ने कहा कि जिनके जीवन में गुणों का समुच्चय हो उनमें व्यवस्था परिवर्तन की क्षमता होती है।बालकों के जीवन में सर्वाधिक प्रभाव शिक्षकों का है।इसलिए हमारे शिक्षकों को आदर्श आचरण से श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।प्रभावी प्रार्थना सभा हमारे विद्यालय का प्राण है।वंदना कक्ष को मंदिर बनकर श्रेष्ठ और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना चाहिए।इससे हमारे विद्यालय शक्ति केंद्र बनकर समाज निर्माण का कार्य कर सके।इस प्रकार तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग में जिला संगठन मंत्री नर्बदा शंकर पुष्करणा एवं मधु जैन एवं जिला कार्यकारिणी के सभाध्यक्ष तेजपाल सिंह शक्तावत,उपाध्यक्ष(पुरुष) हमीर सिंह राजपूत,उपाध्यक्ष संस्कृत शिक्षा शंकर लाल भांभी,सचिव माध्यमिक भंवर सिंह गौड़,महिला मंत्री दीपिका झाला,कोषाध्यक्ष सागर मल पटवा एवं सदस्य अध्यापक सुशील कुमार लड्डा,पंचायत समिति शिक्षक सदस्य विकास आचार्य,प्रयोगशाला सहायक सदस्य आशीष कुमार गुप्ता,पुस्तकालयाध्यक्ष मांगी लाल सुथार सहित समस्त उपशाखा से उपशाखा कार्यकारणी के सभाध्यक्ष, उपसभाध्यक्ष दो, अध्यक्ष,वरिष्ठ उपाध्यक्ष,उपाध्यक्ष पुरुष- महिला,मंत्री,महिला मंत्री और कोषाध्यक्ष समेत अपेक्षित कार्यकर्ताओं में से 55 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया।


