लाडपुरा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं ने मनाया फागोत्सव,खेली फूलों की होली

शिव लाल जांगिड़

लाडपुरा में फागोत्सव की धूमः कान्हा के भजनों पर थिरकीं मातृशक्ति, उड़ा गुलाल,

लाडपुरा में महिला दिवस के अवसर पर फागोत्सव का आयोजन

लाडपुरा|स्मार्ट हलचल|कस्बे में स्थित सामुदायिक भवन में शनिवार रात्रि में फागोत्सव महिला मंडल द्वारा मनाया गया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला मंडल के तत्वावधान में फागोत्सव का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित फागोत्सव में महिलाओं ने पारंपरिक फाग गीतों की प्रस्तुति देते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं ने आपसी भाईचारे, महिला शक्ति के सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश दिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने फाग गीतों के साथ नृत्य कर कार्यक्रम को आनंदमय बना दिया और महिला दिवस की खुशियां साझा की। कार्यक्रम में कस्बे की विभिन्न सामाजिक एवं महिला संगठनों से जुड़ी अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने महिला दिवस को उत्साह और उमंग के साथ मनाते हुए समाज में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। जिससे कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के तहत महिलाओं ने फूलों से होली खेल उत्सव को मनोरंजक बनाया। जिसके अंतर्गत महिलाओं ने फाग गीत गाते हुए गुलाल व फूलों से होली खेलकर एक दूसरों को होली पर्व अग्रिम शुभकामनाएं दी तथा सामूहिक फाग गीत गाए। फाल्गुन माह में आयोजित होने वाला फाग महोत्सव वसंत ऋतु के आगमन और राधा-कृष्ण के प्रेम का जश्न है। यह उत्सव फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास, विशेषकर होली के बाद के दिनों में फूलों, गुलाल, और पारंपरिक भजनों (फाग गीतों) के साथ मनाया जाता है। पौराणिक महत्व के अनुसार फाल्गुन माह में भगवान कृष्ण ने राधा जी और गोपियों के साथ होली खेली थी, इसलिए इस माह में फाग उत्सव की विशेष परंपरा है। फाग महोत्सव में लोक गीत, नृत्य और राधा-कृष्ण की विशेष पूजा शामिल होती है। इस दौरान मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है और फाग के लोकगीत गाकर महिलाएं एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाते हैं। यह त्यौहार न केवल रंगों का खेल है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।