भुवन प्रकाश यादव क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संरक्षण में चल रहे है अवैध भट्टे
इटावा ।स्मार्ट हलचल|खनन विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सांठगांठ से इटावा जिले में दर्जन भर से अधिक अवैध ईंट भट्ठे संचालित किया जा रहे है। इन अवैध भट्टो पर विभाग चुप्पी साधे बैठा है। जब इसकी शिकायत वन एव पर्यावरण मंत्री, प्रमुख सचिव, व अन्य अधिकारियों को की गयी तो अब जांच शुरू हो गयी है।पिछले 10 वर्ष से दीपेंद्र दोहरे द्वारा बकेवर में अवैध भट्टा संचालित किया जा रहा हैं। सूत्र बताते है कि अवैध भट्टों से प्रति सीजन 2 -3 लाख रुपये रिश्वत ली जाती है। अगर एक जांच टीम गठित करके भट्टा मालिको से गोपनीय वार्ता की जाए तो सभी साक्ष्य सामने आ जाएंगे। बकेवर के बाबा ईंट उधोग ईंट भट्ठे के बारे में तमाम खामियां सामने आई है। इस ईंट भत्ते की परमीशन ही नही है, इटावा जिला पंचायत से भी इस भट्टे का लाइसेंस नही है, ईंट भट्टा चलाने के लिए शासन के नियमानुसार भट्टे के नाम कोई रॉयल्टी ऑनलाइन जमा नही है एक साधारण चालान पर मुहर लगी हुई है। भट्टा किस जगह पर है किस गाटा संख्या में संचालित किया जा रहा है इसका कोई रिकार्ड नही है। यह ईंट भट्ठा बिना किसी वैध कागजात और बिना सरकारी अनुमति के खुलेआम संचालित किया जा रहा है, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बिना अनुमति बिना सहमति , व पर्यावरण विभाग से बिना ई-सी बनवाये ईंट भट्टे का संचालन नही किया जा सकता। भट्टे के पास मिट्टी खनन की एनओसी भी नही है। सरकार ने अधिसूचना जारी करके बिना एनओसी मिट्टी उठाने पर कार्यवाही के आदेश दिए थे लेकिन खनन अधिकारी की मिलीभगत से कोई कार्यवाही नही की जा रही है। ईंटो के लिए खेतो की उपजाऊ मिट्टी खोदी जा रही है। ईंट भट्टा अवैध तो है ही लेकिन पर्यावर्णीय शर्तो का पालन भी नही कर रहा है। मिट्टी खनन के लिए भी पर्यावरण की एनओसी अनिवार्य है जो कि इस अवैध ईंट भट्ठे के पास नही हैं। खनन निदेशालय के अनुसार माइनिंग मित्र साइट पर विनियमन शुल्क जमा कर प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाता है तभी मिट्टी खनन कर सकते हैं लेकिन इस भट्ठे ने इस नियम को नहीं माना। इस भट्ठे से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण आसपास के गांवों के लिए खतरा बन चुका है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले में ऐसे तमाम भट्टे है को अवैध है और सुविधा शुल्क देकर चलाये जा रहे है।
