होम्योपैथी और यूनानी अभ्यर्थियों ने उठाई निष्पक्ष भर्ती की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर-स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की आयुष मेडिकल ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और तकनीकी खामियों के विरोध में मंगलवार को राजधानी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सकों एवं अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से निष्पक्ष समाधान की मांग की।
धरने के दौरान अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में अपनाई गई चयन प्रणाली से कई योग्य उम्मीदवारों को नुकसान हुआ है। उनका आरोप है कि अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों के प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर समान नहीं होने के बावजूद एक ही चयन प्रक्रिया लागू की गई, जिससे परिणाम प्रभावित हुए। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस संबंध में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पहले ही विभाग को संभावित समस्याओं से अवगत कराया था, लेकिन इसके बावजूद उचित व्यवस्था नहीं की गई।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि परीक्षा एक ही पारी में आयोजित होने के कारण नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू नहीं हो सकी। साथ ही विभिन्न पद्धतियों में अलग-अलग प्रश्न हटाए जाने से अंकों में असंतुलन उत्पन्न हुआ, जिससे हजारों होम्योपैथी और यूनानी अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। अभ्यर्थियों के अनुसार करीब 6 प्रतिशत तक अंक प्रभावित होने से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कर पद्धतिवार पद वर्गीकरण लागू किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों और अभ्यर्थियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण भी ली जाएगी। साथ ही प्रदेशभर में जिला स्तर पर भी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
