बानसूर।स्मार्ट हलचल|विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर सोमवार को सियासी माहौल गरमा गया। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बानसूर एसडीएम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जाने के आरोपों के विरोध में किया गया। रावत ने आरोप लगाया कि फॉर्म नंबर 7 का दुरुपयोग कर अवैध रूप से एसडीएम कार्यालय में जमा कराया जा रहा है, जिससे कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया में गलत मंशा का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि SIR का कार्य पहले ही पूरा हो चुका था। इसके बावजूद, भारत सरकार के एक नेता के आने के बाद अचानक निर्देश बदल दिए गए और प्रक्रिया की तारीखें बढ़ा दी गईं।उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो बार-बार तारीख बढ़ाने का क्या औचित्य था।रावत ने आरोप लगाया कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में हजारों की संख्या में फॉर्म नंबर 7 जमा कराए जा रहे हैं। उनका दावा था कि ये द्वेषपूर्ण भावना से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के समर्थकों के वोट काटने का एक सुनियोजित अभियान है, जिसे भाजपा सरकार चला रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इसे सफल नहीं होने देगी और यदि पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे गए, तो जनता इसका करारा जवाब देगी। शकुंतला रावत ने प्रशासन से SIR प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाने और बिना ठोस जांच के किसी भी मतदाता का नाम सूची से न हटाए जाने की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और गलत तरीके से काटे गए मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने की मांग की। इस प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह गुर्जर, मुकेश सैनी, पूर्व सरपंच रामवतार मीणा, माडाराम गुर्जर, दिनेश यादव, योगेश पलसाना, महेन्द्र ढाकला, रजनीश पुरोहित, सुबे सिंह अवाना, भूपसिंह, शिवचरण रावत, राजेन्द्र कुमार, मुकेश देवी, महेश सरपंच बाबरिया, हरिराम धाकड़, यादराम रावत, सुरेश मीणा, प्रदीप यादव एडवोकेट, रोशनलाल और नरेश सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।













