Gen Z vs BJP… राजनीतिक रैली में विद्यालयों के बच्चों का इस्तेमाल करना शर्मनाक, यह भाजपा की संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है : आंजना

Gen z”में अपने घटते प्रभाव से बोखलाई भाजपा छोटे बच्चों का कर रही राजनीतिकरण : आंजना

भ्रष्टाचार में लिप्त कार्यों का लोकार्पण करना मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री पद की प्रतिष्ठा के विपरीत : आंजना

14 अगस्त 2026, निम्बाहेड़ा

स्मार्ट हलचल|दिल्ली में Gen z”आंदोलन एवं युवा वर्ग में घटती लोकप्रियता से घबराई भाजपा अब अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ एक साथ करने के लिए विद्यालय प्रबंधकों को पाबंद करके भीड़ जुटाना चाहती है जिसकी बानगी निम्बाहेड़ा में 16 अगस्त को होने वाले राजनीतिक कार्यक्रम की तैयारियों में देखने को मिल रही है, जहां स्थानीय विधायक श्रीचंद्र कृपलानी द्वारा विद्यालय प्रबंधकों को धमका कर प्रत्येक विद्यालय से डेढ़ सौ से लेकर 600 बच्चों तक को कार्यक्रम में लाने हेतु पाबंद किया गया है।

पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि जब से दिल्ली में Gen zका आंदोलन हुआ है तब से भाजपा युवा वर्ग में अपने घटते प्रभाव को लेकर बौखलाई हुई है एवं अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ इकट्ठा करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने से भी नहीं चूक रही है। आगामी 16 अगस्त को निम्बाहेड़ा में सरकारी धन का दुरुपयोग कर स्थापित की गई, मूर्तियों के लोकार्पण हेतु संपूर्ण सरकारी खर्चे पर एक राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भाग लेने की संभावना है। उक्त कार्यक्रम में भीड़ इकट्ठा करने के लिए स्थानीय विधायक श्रीचंद्र कृपलानी द्वारा पिछले दिनों क्षेत्र के निजी विद्यालयों के प्रबंधकों को बुलाकर राजनीतिक धौंस दिखाते हुए धमकाया गया एवं प्रत्येक विद्यालय को 150 से लेकर 600 बच्चों को कार्यक्रम में लाने हेतु पाबंद किया गया जो भाजपा की संगठनात्मक कमजोरी एवं सरकार व भाजपा से युवा वर्ग की नाराजगी को स्पष्ट अंकित करता है। आंजना ने कहा कि युवा वर्ग जो हमारे देश का भविष्य है उन्हें राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करना नैतिक रूप से तो गलत है ही साथ ही युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ भी है क्योंकि 17 से 19 अगस्त में निजी विद्यालयों में बच्चों के द्वितीय टेस्ट होने हैं परंतु स्थानीय विधायक कृपलानी एवं भाजपा अपने राजनीतिक कार्यक्रम को सफल करने के लिए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं जिससे बच्चों के परिवारजनों में भारी रोष है। साथ ही व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी बुलाकर उन्हें चेतावनी दी गई है कि 16 अगस्त को दोपहर 2:00 तक दुकाने बंद रखने के लिए वे अपने संगठनों में आह्वान करें ताकि शहरी क्षेत्र जहां भाजपा ने पिछले ढाई वर्षों में कोई विकास कार्य नहीं करवाए हैं से भी भीड़ इकट्ठी की जा सके क्योंकि विकास कार्य नहीं होने से क्षेत्र की जनता में भारी नाराजगी है।

आंजना ने कहा कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग इस स्तर पर किया जा रहा है कि निजी एवं रोडवेज बसों का अधिग्रहण कर उन्हें डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, राजसमंद, उदयपुर ग्रामीण, भीलवाड़ा जिलों से भी लोगों को बसों में भर भर कर लाने के लिए सरकारी तंत्र को लगाया जा रहा है ताकि निम्बाहेड़ा में होने वाले इस राजनीतिक आयोजन को बड़ा बता स्वयं को मेवाड़ का नेता बताया जा सके क्योंकि कृपलानी एवं भाजपा जानते हैं कि क्षेत्र की जनता अब कांग्रेस राज को याद कर रही है की कैसे 2018 से 23 के बीच क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कार्य हुए जिससे आम जनता को लाभ हुआ। परंतु सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा एवं राज्य सहित केंद्र सरकार के प्रति जनता में निराशा का भाव है इसलिए कृपलानी को भीड़ इक्ट्ठा कर नेताओं को प्रसन्न करने के लिए निम्बाहेड़ा के बाहर से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर से लोगों को लाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा पिछले 10 दिनों से बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम की तैयारी करवाई जा रही है एवं अब 16 अगस्त को उक्त रैली में भी बच्चों को लाया जा रहा है जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी जबकि 17 अगस्त से बच्चों के टेस्ट है।

आंजना ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री को यह देखना चाहिए कि वह किस तरह के उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के लिए 16 अगस्त को आ रहे हैं क्योंकि वह जिन कार्यों के उद्घाटन करने आ रहे हैं उनमें ऐतिहासिक भ्रष्टाचार हुआ है जिसकी गूंज राजस्थान विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी उठी थी, जिस पर ना चाहते हुए भी राज्य सरकार को जांच कमेटी का गठन करना पड़ा, लेकिन उस कमेटी की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है जो भ्रष्टाचार के प्रति भाजपा एवं राजस्थान सरकार की शिथिलता को स्पष्ट दर्शाता है। उल्टा जिन्हें भ्रष्टाचार की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी उन्हीं को उपहार देते हुए क्षेत्र में पोस्टिंग दे दी गई ताकि भ्रष्टाचार की जांच को प्रभावित कर प्रशासन एवं भाजपा नेताओं के अनैतिक गठजोड़ से हुए भ्रष्टाचार को दबाया जा सके। भाजपा नेताओं ने तो चरनोट भूमि पर भी अपने राजनेताओं की मूर्तियां स्थापित कर दी ताकि राष्ट्रीय नेताओं की नजर में आकर प्रदेश के मंत्रिमंडल में स्थान पाया जा सके। साथ ही इन मूर्तियों को पूरी तरह सरकारी धन का उपयोग कर उससे अपनी जेब भरते हुए स्थापित किया गया है जो सरकारी निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना है। क्षेत्र की जनता में यही चर्चा है कि जहां शहर टूटी-फूटी सड़कों, गंदी नालियों, खुले में पड़े कचरे, जिला चिकित्सालय के बंद पड़े निर्माण कार्य, बहाल हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं सहित अन्य जन समस्याओं से परेशान है वहां भाजपा नेता हॉस्पिटल निर्माण हेतु मिले डीएमएफटी राशि, नगर परिषद के फिक्स डिपॉजिट को अपने निजी हित के लिए काम में लेते हुए राजकोष को बर्बाद करने में लगे हुए हैं जिससे जनता में भारी रोष एवं निराशा व्याप्त है। साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं गृहमंत्री अमित शाह से निवेदन करता हूं कि वह जब तक इस संगठित भ्रष्टाचार की जांच पूरी नहीं हो जाए तब तक इन मूर्तियों एवं थोथे विकास कार्यों का अनावरण ना करें क्योंकि भ्रष्टाचार में लिप्त कार्यों का उद्घाटन करना मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री पद की प्रतिष्ठा को भी धूमिल करता है।