पंचायत समिति-जिला परिषद के बाद अब गांवों की सरकार का महासंग्राम, आज नामांकन से तय होगी सरपंची की तस्वीर; कल पर्चियों से पड़ेगा वोट

 

सुबह 8 से 11 बजे तक नामांकन, दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी का मौका; ईवीएम नहीं, मतपत्रों से होगा सरपंच का चुनाव, गांवों में बढ़ेगी चुनावी हलचल

 

अलकेश पारीक

 

जहाजपुर/खजूरी। स्मार्ट हलचल|पंचायती राज चुनाव के तहत पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव संपन्न होने के बाद अब गांवों की सरकार चुनने की बारी आ गई है। सरपंच पद के चुनाव को लेकर आज नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जबकि दोपहर 2 बजे तक नाम वापस लेने का समय निर्धारित है। इसके बाद सरपंच पद के चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो जाएगी।

ईवीएम नहीं, मतपत्रों से होगा मतदान

इस बार सरपंच पद के चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। ऐसे में ग्रामीण मतदाता मशीन का बटन दबाने के बजाय मतपत्र पर निर्धारित तरीके से अपनी पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। मतदान प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं में उत्सुकता बनी हुई है।

आज नामांकन, कल मतदाताओं की बारी

नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कल सुबह से मतदान होगा। गांवों में सरपंच पद को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ रणनीति बनाने और मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में चौपालों से लेकर गली-मोहल्लों तक चुनावी चर्चाओं का दौर तेज होने की उम्मीद है।

पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव के बाद अब सरपंच पद का चुनाव ग्रामीण राजनीति का अगला अहम पड़ाव बन गया है। गांव की बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर उम्मीदवार मतदाताओं के बीच अपनी बात रखेंगे। अब सबकी निगाहें नामांकन के बाद सामने आने वाले उम्मीदवारों और कल होने वाले मतदान पर टिकी हैं।

गांव की सरकार चुनने का अधिकार मतदाताओं के हाथ में है। कल मतपत्रों के जरिए मतदाता अपने गांव के अगले सरपंच के चयन में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।