पंडेर में बड़ा गड़बड़झाला: लाखों की सरकारी बिजली लाइन गायब! पोल खड़े पर तार नदारद, सोता रहा अजमेर विद्युत वितरण निगम
जहाजपुर, स्मार्ट हलचल। ग्राम पंचायत पंडेर में विद्युत निगम की घोर लापरवाही और संभावित बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। पीएचईडी की 24 घंटे पेयजल आपूर्ति योजना के लिए ग्रिड से ग्राम पंचायत पंडेर के तालाब तक बिछाई गई करीब 2 से 2.5 किलोमीटर लंबी मुख्य विद्युत लाइन को चुपचाप अनधिकृत रूप से डिस्मेंटल कर दिया गया। इस लाइन पर करीब 35 से 40 विद्युत पोल लगे हुए हैं, लेकिन पोलों पर उपकरण लगे होने के बावजूद कीमती विद्युत तार मौके से पूरी तरह गायब हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह लाइन कुछ रसूखदार लोगों के मकानों और निजी खेतों के बीच से गुजर रही थी। आरोप है कि उन्हीं के दबाव में लाइन को बिना किसी विभागीय प्रशासनिक आदेश के गुपचुप तरीके से हटाया गया, लेकिन इसकी भनक तक निगम के उच्च अधिकारियों को नहीं लगी। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति बिना विभागीय जानकारी के कैसे और कहां गायब हो गई? आशंका है कि विद्युत कर्मियों और संबंधित ठेकेदार की मिलीभगत से निगम को लाखों का नुकसान पहुंचाया गया है।
* सी.पी. नागर (XEN, AVVNL): “इस पूरे मामले की मुझे कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। स्थानीय फील्ड स्टाफ से पूरा फीडबैक पता करके ही आगे कुछ बता पाऊंगा।”
* मनीष जांगिड़ (JEN, AVVNL): “यह मामला अभी हमारे संज्ञान में आया है। कल स्वयं मौके पर जाकर मौका-मुआयना करेंगे और पूरी स्थिति की निष्पक्ष जांच की जाएगी।”
इस पूरे मामले ने अजमेर विद्युत वितरण निगम की स्थानीय निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि लाइन को विधिवत हटाया गया था तो उसका रिकॉर्ड कहां है, और यदि अवैध रूप से हटाई गई तो जिम्मेदारों पर अब तक मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ? अब देखना होगा कि कल होने वाली प्रशासनिक जांच में इस लाखों रुपये के गड़बड़झाले की जिम्मेदारी किस पर तय होती है।
