आर-पार की जंग: पीपलूंद चारागाह विवाद में अब खून से लिखा जाएगा ज्ञापन; दौड़ते हुए भीलवाड़ा पहुंच जिला कलेक्टर को घेरेंगे ग्रामीण
जहाजपुर/भीलवाड़ा, 28 जून 2026। पीपलूंद बाईपास से जुड़े चारागाह भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि चारागाह भूमि, पहाड़ियों और पर्यावरण को हुए भारी नुकसान की शिकायतें कई बार प्रशासन तक पहुंचाने के बावजूद अब तक धरातल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में अब क्षेत्रवासियों ने अपने आंदोलन को अभूतपूर्व रूप से तेज करने का फैसला किया है।
आंदोलन की रणनीति के अनुसार, मंगलवार को क्षेत्र के युवा सावन टांक अपने रक्त (खून) से प्रतीकात्मक रूप से यह मांगपत्र लिखेंगे, ताकि सोए हुए प्रशासन तक जनता की पीड़ा प्रभावी ढंग से पहुंच सके। इसके बाद बुधवार को समूचे गांव के युवा व ग्रामीण जहाजपुर से दौड़ते हुए भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पहुंचेंगे और जिला कलेक्टर को सीधे यह खून से लिखा मांगपत्र सौंपेंगे।
भावी पीढ़ी के पर्यावरण और सार्वजनिक संसाधनों को बचाने की जंग:
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों और जांच कमेटियों के गठन के बावजूद स्थानीय स्तर पर केवल लीपापोती की जा रही है, जिससे जनता में गहरा असंतोष है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी ठेकेदार व जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार मुकदमा दर्ज करने तथा प्रभावित चारागाह भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अब उनकी लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण और सार्वजनिक संसाधनों को बचाने की है। यदि इसके बाद भी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र स्वरूप दिया जाएगा।
