1 सितंबर को प्रशासन ने दी थी मंजूरी, आयोजन के दिन आदेश रद्द करने से भड़का आक्रोश; नजीर सरवरी ने की घोषणा, जहाजपुर के सियासी समीकरणों में भूचाल
जहाजपुर (स्मार्ट हलचल/अलकेश पारीक)
नगर पालिका चुनाव की सरगर्मियों के बीच जहाजपुर कस्बे में एक बड़ा प्रशासनिक और सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। ईद मिलाद-उन-नबी के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की प्रशासनिक अनुमति ऐन वक्त पर निरस्त किए जाने के बाद मुस्लिम समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है। प्रशासन के इस अप्रत्याशित फैसले के विरोध में मुस्लिम समाज ने आगामी नगर पालिका चुनाव के पूर्ण बहिष्कार का खुला ऐलान कर दिया है, जिससे कस्बे की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
तैयारियां पूरी होने के बाद अनुमति रद्द करने पर भड़का समाज
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि ईद मिलाद कार्यक्रम के आयोजन को लेकर बाकायदा प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर 1 सितंबर को अनुमति प्राप्त की गई थी। कार्यक्रम 3 सितंबर को आयोजित होना था, जिसके लिए पंडाल व अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। लेकिन 3 सितंबर को जब आयोजन का समय आया, तभी प्रशासन ने अचानक अनुमति निरस्त करने का फरमान जारी कर दिया। ऐन वक्त पर लिए गए इस निर्णय से समाज के लोगों में गहरा रोष फैल गया।
🛑 मुस्लिम समाज ने किया नगर पालिका चुनाव बहिष्कार का ऐलान
प्रशासनिक रुख से नाराज मुस्लिम समाज के नजीर सरवरी ने समाज की ओर से आधिकारिक तौर पर नगर पालिका चुनाव के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा कर दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 1 सितंबर को विधिवत अनुमति दी गई थी, तो आयोजन के दिन इसे निरस्त करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? समाज ने इसे अनुचित बताते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूरी बनाने का निर्णय लिया है।
चुनावी समीकरणों में आया नया मोड़, सियासी दलों में खलबली
एक ओर जहां जहाजपुर नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, वहीं मुस्लिम समाज के चुनाव बहिष्कार के ऐलान ने सभी दलों के समीकरणों को पूरी तरह उलझा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गतिरोध को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और इस बहिष्कार का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।
