जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब)। राजकीय उप जिला चिकित्सालय जहाजपुर में मरीजों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। वर्ष 2018 से बंद पड़ा अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर शनिवार (18 अप्रैल) को एक बार फिर से शुरू हो गया है। नेत्र रोग विशेषज्ञ के पदस्थापन के बाद यहां दो मरीजों की आंखों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर इस थिएटर को दोबारा जीवंत कर दिया गया।
6 साल से क्यों बंद था ऑपरेशन थिएटर?
जानकारी के अनुसार, गायनिक डॉक्टर बिंदु गुप्ता के स्थानांतरण और उसके बाद अस्पताल में सर्जन व एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भारी कमी हो गई थी। इसी स्टाफ की कमी के चलते पिछले 6 वर्षों से यह महत्वपूर्ण ऑपरेशन थिएटर पूरी तरह से बंद पड़ा था, जिससे स्थानीय मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
डॉ. दिलीप मीना की पहल से जगी आस
अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप मीना के आने के बाद से ही यहां ऑपरेशन सुविधाएं दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी थी, जो अब हकीकत में बदल गई है। शनिवार को डॉ. मीना ने अपनी विशेषज्ञता से एक महिला और एक पुरुष मरीज की आंखों का सफल ऑपरेशन किया। डॉ. मीना ने बताया कि चिकित्सालय प्रशासन के सक्रिय सहयोग से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहेंगी।
सफल ऑपरेशन में इन चिकित्साकर्मियों का रहा योगदान
दोनों मरीजों के सफलतापूर्वक ऑपरेशन के दौरान सहायक नेत्र रोग विशेषज्ञ दिनेश रेगर, नर्सिंग ऑफिसर अर्जन मीना, महेन्द्र मीना, रविन्द्र मीना और रवि मीना सहित अन्य चिकित्सा स्टाफ मुस्तैदी से मौजूद रहा और अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया।
