जहाजपुर-खजूरी में लोकतंत्र का महासंग्राम, 1.80 लाख से अधिक मतदाता आज करेंगे अपने मताधिकार का इस्तेमाल
194 मतदान केंद्रों पर वोटिंग, पंचायत समिति के 32 और जिला परिषद के 6 सदस्यों के चुनाव पर टिकी निगाहें
अलकेश पारीक
जहाजपुर, स्मार्ट हलचल।पंचायती राज चुनाव के तहत आज जहाजपुर और खजूरी पंचायत समिति क्षेत्रों में लोकतंत्र का महापर्व मनाया जा रहा है। सुबह से ही चुनावी हलचल के बीच मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंचायत समिति और जिला परिषद के प्रतिनिधियों के चयन में भाग ले रहे हैं। दोनों पंचायत समिति क्षेत्रों में कुल 1 लाख 80 हजार 929 मतदाता** अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान के लिए प्रशासन की ओर से कुल 194 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
दोनों पंचायत समितियों में पंचायत समिति सदस्य के 32 पदों और जिला परिषद सदस्य के 6 पदों के लिए चुनाव हो रहा है। मतदान के साथ ही प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत का फैसला मतदाताओं के हाथों में है। चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा उत्साह और राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिल रही है।
जहाजपुर में 1.13 लाख से अधिक मतदाता
जहाजपुर पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 1 लाख 13 हजार 185 मतदाता** हैं। यहां 107 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हो रही है। पंचायत समिति के 17 सदस्य पदों के लिए प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदाता अपने क्षेत्र के विकास और स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर प्रतिनिधियों का चयन कर रहे हैं।
खजूरी में 67 हजार से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
खजूरी पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 67 हजार 744 मतदाता** हैं। मतदान के लिए 87 केंद्र बनाए गए हैं। यहां पंचायत समिति के 15 सदस्य पदों के लिए चुनाव हो रहा है। नवगठित खजूरी पंचायत समिति क्षेत्र में इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
जिला परिषद के 6 पदों पर भी मुकाबला
जहाजपुर और खजूरी पंचायत समिति क्षेत्रों को मिलाकर जिला परिषद सदस्य के 6 पदों के लिए भी मतदान हो रहा है। ऐसे में मतदाता पंचायत समिति सदस्यों के साथ जिला परिषद में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरों के चयन में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
विकास के मुद्दों के बीच मतदाताओं के फैसले पर नजर
- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं। अब सभी की निगाहें मतदान के रुझान, मतदाताओं की भागीदारी और चुनावी नतीजों पर टिकी हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों में बंद जनादेश से तय होगा कि क्षेत्र की जनता ने किन प्रत्याशियों पर अपना भरोसा जताया है।