टीठोड़ी में सरकारी सिस्टम का अजूबा: लाखों की नई बिल्डिंग पर लटका ताला, एक ही चौखट से चल रहे स्वास्थ्य, पशु और बाल विकास विभाग

जहाजपुर-टीठोड़ी | बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था | बंद पड़ी सरकारी बिल्डिंग 2026

टीठोड़ी में सरकारी सिस्टम का अजूबा: लाखों की नई बिल्डिंग पर लटका ताला, एक ही चौखट से चल रहे स्वास्थ्य, पशु और बाल विकास विभाग

24.88 लाख की लागत से 2023 में तैयार होना था नया उपस्वास्थ्य केंद्र भवन; तीन साल से बंद पड़ी इमारत, पंचायत भवन के तीन कमरों में चल रहे तीन विभाग
विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: मोहम्मद आज़ाद नेब

जहाजपुर/टीठोड़ी, स्मार्ट हलचल। टीठोड़ी ग्राम पंचायत में ग्रामीण विकास और सरकारी व्यवस्थाओं की एक अजीबोगरीब तस्वीर सामने आई है। यहाँ पंचायत भवन के एक ही परिसर में बने तीन कमरों से तीन अलग-अलग विभाग संचालित हो रहे हैं। एक कमरे में उपस्वास्थ्य केंद्र, दूसरे में पशु चिकित्सा उपकेंद्र और तीसरे में आंगनबाड़ी केंद्र टीठोड़ी-2 चल रहा है। इन तीनों महत्वपूर्ण केंद्रों का मुख्य प्रवेश द्वार एक ही होने से आमजन को रोजाना भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

3 साल से धूल फांक रहा है 24.88 लाख का सरकारी भवन:

सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब 24.88 लाख रुपये की लागत से निर्मित उपस्वास्थ्य केंद्र का नया भवन सितंबर 2023 तक तैयार हो जाना था। लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी यह भवन जनहित में उपयोग में नहीं आ सका। अधिकांश निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद विभागीय उदासीनता और जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण चिकित्सा केंद्र आज भी पुराने और संकरे पंचायत भवन में चलने को मजबूर है, जिससे मरीज और नवजात बच्चे परेशान हैं।

मामले में क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी:

* डॉ. भागीरथ मीणा (BCMO): “सीएमएचओ कार्यालय द्वारा उपस्वास्थ्य केंद्र भवन की वर्तमान स्थिति की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसे हमारे स्तर से उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है।”
* डॉ. नीरज जैन (केंद्र प्रभारी): “भवन को चालू कराने के लिए हमने तथा ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सरपंच और चिकित्सा अधिकारियों को कई बार लिखित में अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।”

ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की ओर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता दिखाई और न ही संबंधित विभागों के अधिकारियों ने कोई प्रभावी कदम उठाया। सरकारी रिकॉर्ड में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर लाखों की लागत से बनी सरकारी संपत्ति बेकार पड़ी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उपस्वास्थ्य केंद्र को तत्काल नई भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे प्रशासनिक प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।