कोटड़ी में जलझुलन महोत्सव की धूम, रासलीला में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी
स्मार्ट हलचल|अनन्तकोटि श्रीश्री कोटड़ी चारभुजानाथ मंदिर में आयोजित विशाल जलझुलन महोत्सव के तहत धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी है। महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजानाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
महोत्सव के तहत सोमवार को गणेशजी की शोभायात्रा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद शाम को धार्मिक आयोजन हुए तथा रात्रि 8.15 बजे रासलीला का आयोजन किया गया। रासलीला को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। मंदिर परिसर में आकर्षक सजावट की गई है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया, सचिव श्याम सुन्दर चेचाणी एवं समस्त भक्तजनों ने श्रद्धालुओं से महोत्सव के सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया गया है।
गणेश चतुर्थी पर निकली शोभायात्रा, बरसात में भी नहीं थमा भक्तों का उत्साह
कोटड़ी मुख्यालय पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को कोटड़ी में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। बरसात के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए। भगवान गणेश के जयकारों से मार्ग गुंजायमान रहा। शोभायात्रा में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए आगे बढ़े। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। जलझुलन महोत्सव के तहत आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के साथ गणेश चतुर्थी का यह आयोजन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाएं की गईं।
जलझुलन महोत्सव के तहत सोमवार को रात्रि 8.15 बजे रासलीला का आयोजन हुआ। इसके अलावा आगामी दिनों में भी रासलीला सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
15 व 16 सितम्बर को रात्रि 8.15 बजे रासलीला,
17 सितम्बर को धार्मिक आयोजन के दौरान कावड़ियों का त्रिवेणी के लिए प्रस्थान व देवनारायण भगवान की जीवन गाथा बगड़ावत कथा की जाएगी।
18 सितम्बर को कावडियों का आगमन व संगीतमय सुन्दर काण्ड पाठ होगा।
19 सितम्बर को राधा अष्ठमी पर हवन व पूजन, भक्तो के द्वारा निर्मित विशाल छप्पन भोग प्रभु को अर्पण किया जाएगा वही रात्रि में स्थानीय विद्यालयों के बालको की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा
20 सितम्बर को विराट कवि सम्मेलन आयोजित होगा।
21 सितम्बर को भजन संध्या आयोजित होगी।
22 सितम्बर को महोत्सव के समापन अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम एवं श्री चारभुजानाथ के रजत रेवाड़ी में विराजमान करवा कर जलझुलन को लेजाया जाएगा। वही 23 सितम्बर को सुबह 9 बजे भगवान के निज धाम में विराजमान होने के साथ ही जलझुलन महोत्सव सम्पन्न होगा। श्री चारभुजा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया ने श्रद्धालुओं से महोत्सव के सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।