पुनित चपलोत
भीलवाड़ा । जिले में जमीन-जायदाद के विवाद को लेकर एक महिला के साथ उसकी सौतेली मां और सौतेले भाइयों द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता गुरुवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, जहां उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिला ने यह भी कहा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो उसके पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
पीड़िता देव गाडरी ने बताया कि बुधवार को उसके भाई शंकर लाल गाडरी ने त्योहार का बहाना बनाकर उसे पीहर बुलाया। मकर संक्रांति के अवसर पर जब वह विश्वास करके घर पहुंची तो आरोपियों ने घर के दरवाजे बंद कर उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। उसे धक्का देकर जमीन पर गिराया गया और लात-घूंसों से पीटा गया। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसे पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई।
देव गाडरी ने बताया कि उसके पिता रामलाल गाडरी ने वर्षों पूर्व नाता विवाह किया था, जिससे सौतेली मां मांगी देवी और उनके तीन बेटे शंकर लाल, देवी लाल और राधेश्याम हैं। आरोप है कि सौतेली मां और भाई लंबे समय से उसे गाली देते आ रहे हैं और घर व जमीन से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उसकी रकम भी हड़प ली है और पीहर आने से रोकते हैं।
पीड़िता ने बताया कि वह अपनी लकवाग्रस्त मां की सेवा अपने साथ रहकर कर रही थी, जिससे नाराज होकर आरोपी आए दिन फोन पर धमकियां देते थे। घटना के बाद वह किसी तरह अपनी जान बचाकर छुपी हुई है। उसका कहना है कि आरोपी उसे तलाश कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे वह बेहद डरी हुई है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव के समक्ष पहुंचकर पीड़िता ने पूरे मामले से अवगत कराया और सुरक्षा के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ उसका मेडिकल करवाने की मांग की है।


