झोलाछाप डॉक्टरों के मामले में विभाग की खानापूर्ति! खबर प्रकाशित होने के बाद जांच कमेटी गठित, कार्रवाई कब होगी?
जहाजपुर में कथित झोलाछापों के खिलाफ शिकायत पर विभाग का आदेश, चार सदस्यीय कमेटी गठित कर मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट
अलकेश पारीक
जहाजपुर, स्मार्ट हलचल। क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रकाशित खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित करने का आदेश जारी किया है। समाचार पत्र स्मार्ट हलचल में खबर प्रकाशित होने के बाद 22 सितंबर 2026 को भीलवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जांच के आदेश जारी किए गए। लेकिन सवाल यह है कि क्या विभाग की कार्रवाई महज कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहेगी या फिर धरातल पर भी कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिलेगी?
कार्यालय आदेश में समाचार पत्र में प्रकाशित खबर “चारपाई पर दिए… जहाजपुर में कथित झोलाछापों का बेखौफ कारोबार!” के प्रकरण की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें उप निदेशक कार्यालय हाजा, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी जहाजपुर, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी उप जिला चिकित्सालय जहाजपुर तथा औषधि नियंत्रण अधिकारी भीलवाड़ा को शामिल किया गया है।
खबर के बाद आदेश, लेकिन कार्रवाई का इंतजार
झोलाछाप डॉक्टरों के कथित कारोबार को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यदि बिना आवश्यक योग्यता या अनुमति के चिकित्सा सेवाएं देने की शिकायत सामने आती है, तो स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी केवल कमेटी गठित करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करना भी जरूरी है।
विभाग की ओर से जांच कमेटी गठित करने का आदेश तो जारी कर दिया गया, लेकिन अब देखने वाली बात यह होगी कि कमेटी मौके पर जाकर जांच करती है या फिर जांच रिपोर्ट भी सरकारी फाइलों तक ही सीमित रह जाती है। आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में विभाग को जांच की प्रगति और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि लोगों का स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भरोसा बना रहे।
विभाग से सीधे सवाल
* क्या कथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मौके पर जाकर वास्तविक जांच की जाएगी?
* क्या बिना वैध योग्यता अथवा अनुमति के चिकित्सा कार्य करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी?
* क्या जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करेगी?
* क्या विभाग जांच के बाद की कार्रवाई की जानकारी आमजन को देगा?
* आखिर कब तक शिकायतों और खबरों के बाद केवल कमेटियां गठित होती रहेंगी?
अब सवाल सिर्फ जांच कमेटी बनाने का नहीं, बल्कि जांच के परिणाम और ठोस कार्रवाई का है। स्वास्थ्य विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि आमजन की सुरक्षा के मामले में कार्रवाई कागजों तक सीमित रहेगी या धरातल पर भी नजर आएगी।