जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत पर जीनगर समाज का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी नौकरी की मांग

पुनित चपलोत

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की मातृ एवं शिशु इकाई में प्रसूता की मौत के बाद जीनगर समाज में भारी आक्रोश है। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की रखी है।
जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने कहा कि पोटला निवासी संगीता जीनगर को गर्भावस्था के दौरान परिजन महात्मा गांधी चिकित्सालय लेकर पहुंचे मगर यहां कई घंटों तक उसे भर्ती ही नहीं किया गया। बाद में एक जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप से प्रसूता को अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद भी चिकित्सकों ने परिवार पर ऑपरेशन के लिए दबाव बनाया। परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन किया गया। उसके बाद संगीता की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मौत हो गई। जीनगर समाज आज संगीता को न्याय दिलाने के लिए एकजुट है। समाज ने चिकित्सा मंत्री से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने, जिम्मेदार चिकित्सकों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। इस मामले में यदी समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो जीनगर समाज प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगा।
मृतका प्रसूता की ननद शानू जीनगर ने कहा कि मेरी भाभी संगीता को अस्पताल लाने के बाद समय पर उपचार नहीं मिला। पहले ऑपरेशन के बाद बच्चेदानी का दूसरा ऑपरेशन किया गया। इसके बावजूद उसे होश नहीं आया। हमने रेफर करने की बात कही गई मगर कई घंटे तक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। हमारी मांग है कि हमारे परिवार को उचित मुआवजा, न्याय और सरकारी नौकरी दी जाएं। जिससे की मृतका के बच्चों का लालन-पोषण और परिवार की देखभाल हो सके।