जोधपुर में सफेद जहर के सिंडिकेट पर काल बनकर टूटी एजीटीएफ; 48 घंटे में दूसरी बड़ी स्ट्राइक, करोड़ों की ड्रग्स बरामद

बनाड़ के बाद अब पॉश सोसाइटी में मिली नशे की फैक्ट्री; तैयार एमडी से भी घातक मिला 1.1 किलो से ज्यादा हाई-ग्रेड केमिकल

जयपुर 04 अप्रेल। राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और जोधपुर पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में शहर की एक पॉश सोसाइटी आशापूर्णा प्लेटिनम के फ्लैट में चल रही एक अन्य ड्रग फैक्ट्री का खुलासा कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की एमडी ड्रग, नशीली गोलियां और मादक पदार्थ बनाने का जखीरा बरामद किया है। इस पूरे ऑपरेशन की रूपरेखा अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एमएन के निर्देशन में तैयार की गई थी। एसपी ज्ञानचंद यादव और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम वर्मा के सुपरविजन में टीमों को सक्रिय किया गया, जिसमें सहायक उप निरीक्षक राकेश जाखड़ व कांस्टेबल सुमेर सिंह की सटीक सूचनाओं ने इस ड्रग फैक्ट्री के केंद्र तक पहुँचने का रास्ता साफ किया।

गणपतराम का कबूलनामा
कहानी की शुरुआत 2 अप्रेल को हुई गणपतराम विश्नोई की गिरफ्तारी से, बनाड़ क्षेत्र में एजीटीएफ ने आरोपी की मकान की छत पर बनी एक अन्य ड्रग फैक्ट्री का खुलासा करते हुए 3 किलो से अधिक एमडी और 55 किलो से अधिक केमिकल बरामद किया था। पुलिस कस्टडी में अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमृतलाल जीनगर की मनोवैज्ञानिक पूछताछ के सामने गणपतराम का हौसला टूट गया। उसने खुलासा किया कि वह तो महज एक मोहरा है; असली मास्टरमाइंड भरत विश्नोई उर्फ आसुराम उर्फ लक्की है, जो अपनी पहचान छुपाकर आशापूर्णा प्लेटिनम के फ्लैट नंबर A-803 में महिला के साथ रहता है और सफेद जहर तैयार कर रहा है। जब पुलिस टीम ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर अलमारी में रखा एक UMMUL लिखा बैग बरामद हुआ। इस बैग के अंदर नशे का ऐसा जखीरा था जो किसी मिनी फैक्ट्री से कम नहीं था।

तैयार ड्रग्स से भी घातक निकला कच्चा माल
मौके पर बुलाई गई एफएसएल और एनसीबी की टीमों ने पुष्टि की कि बरामद सामान न केवल घातक मेफेड्रोन है, बल्कि उसमें उच्च गुणवत्ता वाला केमिकल भी शामिल है।

~ 1 किलो 544 ग्राम एमडी और प्रीमियम केमिकल: पुलिस ने 366 ग्राम शुद्ध एमडी बरामद की। इसके साथ ही 1.178 किलोग्राम ऐसा संदिग्ध केमिकल और पाउडर मिला जो तैयार एमडी से भी अधिक उच्च श्रेणी का था।
~ नशीली टेबलेट्स का जखीरा: अल्ट्राटेक सीमेंट की पीली टेप से लिपटे पैकेटों और जीपर पाउच में 2000 से अधिक कुल 3.663 किलोग्राम नशीली गोलियाँ बरामद हुईं।
~ फैक्ट्री के उपकरण: मौके से एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, टेप रोल और आरोपी के बच्चों के आधार कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज जप्त किए गए।

लालच की भेंट चढ़ा गणपतराम
पूछताछ के दौरान गणपतराम ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। उसने बताया कि उसकी माली हालत बेहद खराब थी और भारी कर्ज था। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर भरत विश्नोई ने उसे कर्ज उतारने का लालच दिया और इस गंदे धंधे में धकेल दिया। इस सफल दबिश ने न केवल 5 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थों को बाजार में जाने से रोका, बल्कि जोधपुर में फैल रहे नशे के एक बड़े नेटवर्क की कमर भी तोड़ दी है। फिलहाल मुख्य आरोपी भरत विश्नोई फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।