जे पी शर्मा
बनेड़ा – आजादी के 78 साल बाद भी गावों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते मृत्यु के बाद अतिंम संस्कार करने मे भी परिजनों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। मगर फिर भी जिम्मेदारो द्वारा इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उपखण्ड सर्किल के कंकोलिया ग्राम पंचायत के जोरावरपुरा गांव में रहने वाले एक बुजुर्ग नंदलाल कुमावत (85) का गुरुवार को निधन हो गया था। जिसके अंतिम संस्कार के लिए परिजन मृतक की अर्थी ( शव यात्रा) को लेकर के एक बाहले ( बरसाती नाले) के मध्य स्थित श्मशानघाट पर जाने वाले रास्ते पर पानी भरा होने के कारण अर्थी को लेकर के पानी मे से होकर के बाहले के मध्य अंतिम संस्कार स्थल पहुंचे। जहां पर नहीं तो अंतिम संस्कार के लिए कोई स्थान है। ना ही अंतिम संस्कार में आने वाले व्यक्तियों के लिए बैठने की सुविधा या छायादार स्थान है। पास मे बरसाती पानी भरा हुआ है। तो दुसरी अंग्रेजी बबूलो की भरमार है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की समस्याओं के बारे में कई बार पंचायत प्रशासन को अवगत कराया गया। मगर फिर भी प्रशासन ने इस और ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा।













