स्मार्ट हलचल| विशिष्ट न्यायाधीश, पोक्सो-01, भीलवाड़ा बालकृष्ण मिश्र द्वारा पारित निर्णय में नाबालिग पीड़िता के अपहरण एवं दुष्कर्म के प्रकरण में अभियुक्त को दोषसिद्ध कर दंडित किया गया।
प्रकरणानुसार दिनांक 25.11.2024 को पुलिस थाना प्रतापनगर, भीलवाड़ा में परिवादिनी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि उसकी नाबालिग पुत्री विद्यालय से अवकाश उपरांत घर नहीं लौटी। अनुसंधान के दौरान सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त सन्नी हरिजन निवासी अंबेडकर बस्ती, कोतवाली भीलवाड़ा के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।
अनुसंधान पूर्ण होने पर अभियोजन पक्ष द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत आरोप-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत द्वारा 18 साक्षियों एवं 33 दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रदर्शित कर अभियोजन कथन सिद्ध किया गया।
उपस्थित साक्ष्यों एवं अभिलेखों के सम्यक परीक्षण उपरांत न्यायालय ने अभियुक्त सन्नी हरिजन(20 साल) पुत्र पप्पू हरिजन को नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म एवं पोक्सो अधिनियम के अपराध में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशिष्ट न्यायालय पोक्सो-01 का निर्णय अपहरण व दुष्कर्म प्रकरण में अभियुक्त को 10 वर्ष कठोर कारावास,50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
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