झूठ छोड़कर ईमानदारी से जिंदगी गुजारने की सीख देता है रमजान-मुफ्ती सद्दाम साहब
अजीम खान चिनायटा
हिंडौन/स्मार्ट हलचल|रमजान के महीने में आखरी शुक्रवार को जुमातुल विदा कहा जाता है, यह ईद उल फितर से पहले आता है,बुराइयों को छोड़कर नेकियां की सीख देता है रमजान अपने जीवन में तब्दीली (तकवा) पैदा करना है अल्लाह ने इस महीने में हम पर जो हुक्म लागू किया है जैसे शहरी से लेकर इफ्तारी तक रोजे की हालत में होते हैं जैसे अच्छा देखना अच्छा ही सुनना बुराइयों से रुकना उन सभी कामों से रुकना जिनसे अल्लाह ने रोका है इबादतों के सीजन का महीना है रमजान इस महीने में इबादत का बदला कई गुना बढ़ा दिया जाता है जैसे इस महीने में नमाज, कुरान का पढ़ना, सदका, खैरात करना, पड़ोसियों का हक अदा करना, मां-बाप का ख्याल रखना, गरीबों का ख्याल रखना, जकात और सदका और गरीबों को दान का इस महीने में बहुत बड़ा महत्व है मालदार इस महीने में जकात निकलते हैं जिसका फायदा यह होता है कि तमाम गरीब हर्षोल्लास के साथ में खुशी-खुशी ईद मनाते हैं और दीनी मामलात में जकात का बहुत बड़ा सपोर्ट है झूठ छोड़कर ईमानदारी से जिंदगी गुजारने की सीख देता है रमजान(