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काछोला में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का ऐतिहासिक अनावरण, शौर्य–स्वाभिमान के जयघोषों से गूंजा कस्बा

काछोला । काछोला कस्बे के इतिहास में रविवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, जब मेन बस स्टैंड पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का भव्य एवं ऐतिहासिक अनावरण समारोह श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ जैसे ही विधिवत मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा का अनावरण हुआ, पूरा कस्बा हर-हर महादेव, जय एकलिंग नाथ और महाराणा प्रताप अमर रहें के गगनभेदी नारों से गूंज उठा गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्प वर्षा ने वातावरण को पूरी तरह शौर्य और गौरवमय बना दिया
समारोह के मुख्य अतिथि UGPF के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि गोपाल खंडेलवाल उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रवीर सिंह नमाना ने की मंच पर प्रदीप कुमार सिंह सिंगोली, बृजेन्द्र कुमार गोयल, सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष अर्जुन सिंह गौड़, पूर्व जिला प्रमुख शक्ति सिंह हाड़ा, करणी सेना के जिला अध्यक्ष बबलू सिंह थूमिया, प्रदेश प्रवक्ता हेमेंद्र सिंह काछोला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी मंचासीन रहे
कार्यक्रम के संरक्षक ठा. वंश प्रदीप सिंह सोलंकी, ग्राम पंचायत काछोला के प्रशासक रामपाल बलाई एवं सार्वजनिक धर्मशाला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी के कुशल मार्गदर्शन, निरंतर सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता से यह आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक स्वरूप में सम्पन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में महाराणा प्रताप स्मारक अभियान समिति एवं सर्व समाज के लोगों का विशेष योगदान रहा

अनावरण अवसर पर बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहे प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर महाराणा प्रताप को नमन किया गया ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ निकाले गए जयघोषों ने कस्बे के वातावरण को ओज, उत्साह और गौरव से भर दिया युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य और बलिदान को अपने जीवन का आदर्श बताया

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और मातृभूमि की रक्षा के प्रतीक हैं उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध, कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान से समझौता न करने और जनजातीय समाज के साथ मिलकर संघर्ष करने जैसे प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए वक्ताओं ने यह भी कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना और अनावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा तथा काछोला को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान करेगा कार्यक्रम के दौरान समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प भी दोहराया गया आयोजन समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने, सांस्कृतिक चेतना जागृत करने तथा युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना सुदृढ़ करने का सशक्त प्रयास है समारोह के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने आयोजन को भव्य, अनुकरणीय और अविस्मरणीय बताते हुए आयोजकों एवं सहयोगियों की मुक्तकंठ से सराहना की ।

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