Homeभीलवाड़ाकामकाजी महिलाओं को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए उठी आवाज

कामकाजी महिलाओं को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए उठी आवाज

कल्याणी फाउंडेशन ने रखा विजनरी बजट प्रस्ताव – हर जिले में बने वुमन ट्रेड सेंटर

जिला कलेक्टर को सौंपी देश के पहले 1500 करोड़ के मॉडल प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट

भीलवाड़ा से हो आगाज तो बनेगा देशभर में रोल मॉडल

भीलवाड़ा 28 जनवरी। प्रदेश की महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और व्यावसायिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में कल्याणी फाउंडेशन ने एक क्रांतिकारी पहल की है। फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष दिव्या बोरदिया के नेतृत्व में जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू से मुलाकात कर राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक महत्वाकांक्षी बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए राजस्थान के आगामी बजट 2026 हेतु राज्य के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ‘वुमन ट्रेड सेंटर’ (WTC) की स्थापना का विजनरी सुझाव दिया है। साथ ही इस योजना की शुरुआत भीलवाड़ा जिले से किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए तैयार एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जिला कलक्टर को सौंपी गई। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दिव्या बोरदिया सहित रुचि अग्रवाल, सुरभि चोरडिया, सुमता जैन, मोनिका सोनी, प्रीति सिंघावत मौजूद रहे।

क्यों जरूरी है वुमन ट्रेड सेंटर ?

बोरदिया ने प्रस्ताव में बताया कि ​आज के प्रतिस्पर्धी युग में हजारों महिलाएं अपने घर से या असुरक्षित/महंगे व्यावसायिक स्थलों पर व्यापार करने को मजबूर हैं। इसी प्रकार ‘लखपति दीदी’ और स्वयं सहायता समूहों के पास बेहतरीन उत्पाद तो हैं, लेकिन एक प्रीमियम कमर्शियल प्लेटफॉर्म के अभाव में उनका कौशल स्थानीय स्तर तक ही सिमट कर रह जाता है।
​यह ‘वुमन ट्रेड सेंटर’ एक ऐसा सुरक्षित और आधुनिक ईकोसिस्टम प्रदान करेगा जो महिलाओं को असंगठित क्षेत्र से निकालकर औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाएगा।

1500 करोड़ का निवेश – प्रदेशव्यापी विजन

​वुमन ट्रेड सेंटर के प्रोजेक्ट को यदि राज्य के सभी जिलों में लागू किया जाता है, तो यह लगभग 1500 करोड़ रुपये की एक वृहद योजना होगी। यह राजस्थान को देश का पहला ऐसा राज्य बनाएगा जहाँ ‘ऑल वुमन मैनेज्ड’ बिजनेस हब संचालित होंगे। यह प्रोजेक्ट लगभग 10 से 11 वर्षों में अपनी लागत निकालकर आत्मनिर्भर श्रेणी में आ जाएगा।

भीलवाड़ा बन सकता है महिला सशक्तिकरण का देशव्यापी मॉडल

​कल्याणी फाउंडेशन ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर सुझाव दिया है कि इस योजना की शुरुआत भीलवाड़ा जिले से करने हेतु मुख्यमंत्री को प्रशासन की ओर से भी प्रस्ताव भेजा जाए। इसके लिए फाउंडेशन ने आर.के. कॉलोनी स्थित ‘ग्रामीण हाट’ परिसर को सबसे उपयुक्त स्थल माना है। वर्तमान में यह स्थान वर्ष भर में केवल कुछ ही दिनों के लिए मेलों तक सीमित रहता है, जिसे एक भव्य 3 मंजिला आधुनिक व्यापारिक केंद्र में बदलकर महिलाओं के लिए ‘आर्थिक प्रवेश द्वार’ बनाया जा सकता है।

वुमन ट्रेड सेंटर में ये होंगे प्रमुख आकर्षण

​प्रत्येक सेंटर में न्यूनतम 300 व्यापारिक इकाइयां (दुकानें/शोरूम) सहित प्रोफेशनल महिलाओं के लिए ऑफिस स्पेस अत्यंत कम किराए पर उपलब्ध होंगे। यह प्रधानमंत्री की ‘लखपति दीदी’ योजना से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों के लिए एक उत्कृष्ट विक्रय मंच साबित होगा। कामकाजी महिलाओं के लिए क्रेश (शिशु गृह), मेडिटेशन हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी और मीडिया सेंटर, मिनी थिएटर, एग्जिबिशन हॉल, गेम जोन, कैफेटेरिया, टेरेस गार्डन, ट्रेनिंग सेंटर, बैंकिंग एंड फाइनेंस हेल्प डेस्क, गवर्नमेंट स्कीम विंडो, मिनी क्लीनिक आदि सुविधाएं उपलब्ध रहेगी।

*दिव्यांग, विधवा, परित्यकता, लखपति दीदी महिलाओं के लिए आरक्षण

फाउंडेशन ने वुमन ट्रेड सेंटर में दिव्यांग, विधवा, परित्यकता, लखपति दीदी महिलाओं के लिए भी दुकानों में निश्चित आरक्षण और किराए में छूट का उल्लेख किया है। जिससे इन सभी को अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।

प्रोजेक्ट के सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव

बोरदिया ने कहा कि ​यदि राज्य सरकार इस सुझाव को बजट 2026 में सम्मिलित करती है, तो राजस्थान देश का पहला ‘ऑल वुमन मैनेज्ड’ कमर्शियल हब वाला राज्य बनकर उभरेगा। ​इसके साथ ही राजस्थान की 1 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से व्यापार और रोजगार का लाभ मिलेगा। यह ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को सिद्ध करने और प्रदेश की जीडीपी में महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक स्तर पर ले जाने वाला कदम होगा।

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