सुनील बाजपेई
कानपुर। स्मार्ट हलचल| मामूली विवाद में हुए मलिकपुर गांव निवासी 55 वर्षीय किसान देवकीनंदन पासवान हत्याकांड का पुलिस की परिश्रम पूर्ण सक्रियता ने सटीक खुलासा कर दिया है। इस मामले में शिवली कोतवाल प्रवीन कुमार सिंह की अगुवाई में एसआई योगेंद्र कुमार द्वारा पुलिस टीम के साथ छापा मारकर गिरफ्तार किये गये इन आधा दर्जन आरोपियों के पास से 4 मोबाइल, एक हजार रुपये व हत्या में प्रयुक्त दो डंडा भी बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी केमुताबिक शिवली कल्याणपुर मार्ग पर स्थित सुरभि एजूकेशन सेंटर में चौकीदार देवकीनंदन की पत्नी ममता तथा गोविंद सिंह की पत्नी संगम के बीच कहासुनी होने के साथ ही मारपीट हो गई थी। जिस पर गोविंद सिंह की पत्नी संगम के बुलाने पर आए नई बस्ती मिर्जापुर थाना कल्याणपुर कानपुर नगर में रह रहे उसके भाई आकाश छोटू, विजय सिंह उर्फ गोरे उसके साथी ग्राम गंगरौली थाना गजनेर हाल पता बारा सिरोही थाना कल्याणपुर निवासी अमन, ग्राम अठावल थाना ललौली जिला फतेहपुर हाल पता सनिगवां थाना चकेरी कानपुर नगर निवासी अनूप सिंह आदि ने देवकीनंदन पासवान की झोपड़ी पर धावा बोल, देवकीनंदन उसकी पत्नी ममता, पुत्री गोमती, खुशबू बेटू तथा पुत्र सूरज को मारपीट कर घायल कर दिया था। बाद में उपचार के दौरान देवकीनंदन की मौत हो गई थी ,जिसके बाद पुलिस ने पहले से दर्ज मारपीट के मुकदमे में हत्या की धारा तरमीम कर उनकी तलाश कर रही थी।
अवगत कराते चलें कि सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के रूप में कानपुर देहात की जिस थाना शिवली पुलिस को यह महत्व पूर्ण सफलता मिली आजकल उस शिवली थाने की कमान हर तरह के अपराधियों के खिलाफ लगातार सफल मोर्चा खोले निर्दोष फंसे नहीं और अपराधी बचे नहीं जैसी लोकहित की प्रबल विचारधारा के अनुरूप अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और पीड़ितों की हर संभव सहायता में भी अग्रणी निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यशैली के भगवान और भाग्य यानी कर्म भरोसे रहने वाले तेजतर्रार, व्यवहार कुशल प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार के हाथ में है। सभी संगीन घटनाओं का सटीक खुलासा करते हुए अपनी जुझारू नौकरी के अबतक कार्यकाल में अनेक अपराधियों को जेल की हवा खिला चुके जुझारू इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार सिंह यादव के अब तक के कार्यकाल के विवेचन से यह भी साबित होता है कि हालात चाहे जैसे रहे हों लेकिन उन्होंने अपनी कर्तव्य के प्रति निष्ठा के साथ समझौता आज तक नहीं किया।
इसी के साथ उनकी कार्यशैली भी संभ्रांत असहाय लोगों की हितरक्षक और बहुत मैत्रीपूर्ण भी मानी जाती है ,जिसके अनुरूप ही वह जहां उचित पात्र लोगों की हर संभव सहायता करते हैं। वहीं कानून और शांति व्यवस्था के पक्ष में अपराधियों के खिलाफ शठे शाठ्यम समाचरेत वाली कहावत चरितार्थ करने से भी नहीं चूकते। यही वजह है कि इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार की कर्तव्य के प्रति प्रगाढ़ निष्ठा उनकी जुझारू नौकरी के अब तक के कार्यकाल में सभी संगीन घटनाओं का सटीक खुलासा करते हुए दर्जनों शातिरों को सबक सिखाने में भी सफल हो चुकी है।


