मातृकुंडिया से पोटलां तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा: 411 कांवड़ियों ने चन्द्रभागेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक, जेसीबी से हुई पुष्प वर्षा

पोटलां। स्मार्ट हलचल|आस्था, भक्ति और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला जब मातृकुंडिया के पवित्र तीर्थ स्थल से शुरू हुई विशाल कांवड़ यात्रा विभिन्न गांवों और कस्बों से गुजरते हुए पोटलां स्थित प्राचीन चन्द्रभागेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों शिव भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ अल सुबह से ही हो गया था। सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए विभिन्न वाहनों में सवार होकर पवित्र तीर्थ स्थल मातृकुंडिया पहुंचे। यहां सबसे पहले कांवड़ियों ने मंगलेश्वर महादेव सहित अन्य स्थानीय मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद विधि-विधान से मातृकुंडिया के पवित्र कुंड से जल भरा गया। गंगा आरती के पश्चात सभी ने संकल्प लिया और 411 कांवड़िए पोटलां के लिए रवाना हुए। मातृकुंडिया से यात्रा रवाना हुई यह कांवड़ यात्रा निर्धारित मार्ग से होती हुई आगे बढ़ी।गुरजनिया,आरणी,गोपालपुरा, पहुनी चौराहा, सरगांव, मंडफिया,पोटलां
कांवड़ यात्रा के पूरे मार्ग में जगह-जगह ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों के नागरिकों द्वारा कांवड़ियों की सेवा के लिए विशेष स्टॉल लगाई गई थीं। जिसमें साबुदाना खिचड़ी, ताजे फल-फ्रूट, जूस, चाय-कॉफी, अल्पाहार और नींबू पानी की स्टॉल लगाई गईं। पोटलां नगर में प्रवेश के दौरान प्राचीन बावड़ी के निकट पथवारी से लेकर पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया। युवाओं द्वारा विशेष उत्साह दिखाते हुए जगह-जगह जेसीबी के माध्यम से कांवड़ यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई, जिसने सभी का मन मोह लिया। पोटलां नगर में प्रवेश के बाद कांवड़ यात्रा ने मुख्य मार्गों से होते हुए भ्रमण किया। यात्रा पथवारी, महात्मा गांधी विद्यालय, पुरबिया मोहल्ला, हायर सेकेंडरी स्कूल, जीनगर चौक, मुख्य बाजार, सदर बाजार, रावला चौक, बस स्टैंड, मंशापूर्ण बालाजी मंदिर और रामदेव जी मंदिर से होते हुए नदी तट पर स्थित स्वयंभू महादेव मंदिर पहुंची यात्रा के दौरान 71 लीटर की विशाल कांवड़ सभी के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा, तीन अलग-अलग समूहों द्वारा तीन डाक कांवड़ भी समय पर पहुंचाई गईं, जिन्होंने यात्रा के उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया। नदी तट स्थित स्वयंभू महादेव मंदिर और चन्द्रभागेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद सभी 411 कांवड़ियों ने कतारबद्ध होकर एक-एक कर अपनी कांवड़ का जल अर्पित किया। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। जलाभिषेक के उपरांत भव्य आरती संपन्न हुई और महादेव का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर सभी भक्तों ने मिलकर नगर की खुशहाली, देश में अमन-चैन और क्षेत्र में अच्छी बारिश (पर्जन्य वर्षा) के लिए विशेष मंगलकामनाएं कीं। अनुष्ठान की पूर्णता के बाद उपस्थित सभी भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।