मोड़ का निंबाहेड़ा । हिंदू चेतना को नव जागृति प्रदान करने के उद्देश्य से संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को करजालिया मंडल में आयोजित हिंदू सम्मेलन ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे भव्य वाहन रैली से हुआ, जो करजालिया से प्रारंभ होकर तुलछा का खेड़ा, दूल्हेपुरा, डोटा, उदलियास, चेना का खेड़ा, नया डोटा होते हुए बालापुरा से वापस करजालिया सामुदायिक भवन पहुंची।
इसके पश्चात सुबह 11:15 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें मंडल के सभी गांवों की सहभागिता रही। यात्रा में सज्जन शक्ति व मातृ शक्ति का उत्साह देखने योग्य रहा। ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार व पैदल श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। कलश यात्रा पूरे गांव में भ्रमण करते हुए मंशापूर्ण महादेव जी बावड़ी चौक पर संपन्न हुई।
इसके बाद सामुदायिक भवन में हिंदू महासभा का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रौढ़ कार्य प्रमुख सियाराम जी भाई साहब ने हिंदू जीवन पद्धति, आत्मविस्मृत समाज तथा पुनर्जागरण में संघ की भूमिका पर प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। वहीं संत प्रवचन में काल भैरव धाम महावीर गो शाला मोड़ का निंबाहेड़ा पावन धाम के 1008 श्री नारायण नाथ जी अघोरी बावजी वह अजब आनंद पुरी जी बैरन दरबार ने कहा कि सनातन संस्कृति और संस्कारवान संतान ही राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय आभार व्यक्त किया गया तथा सर्व समाज के लिए महाप्रसाद का आयोजन रखा गया। पूरा भोजन कार्यक्रम पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में मंडलभर से आए समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया।
वही मोड़ का निंबाहेड़ा में भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित, 500 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा निकाली गई ।
मोड़ का निंबाहेड़ा कस्बे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही और पूरा कस्बा भगवामय नजर आया।
सम्मेलन के अवसर पर गांव की करीब 500 महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा ढोल-नगाड़ों, डीजे और जयघोष के साथ निकली, जिसमें युवाओं ने भगवा बाइक यात्रा निकालकर वातावरण को धर्ममय बना दिया।
कार्यक्रम में दुर्गा शक्ति अखाड़ा की बालिकाओं ने आकर्षक अखाड़ा प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनके साहसिक करतबों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने समाज में एकता, संस्कार और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सामाजिक समरसता भोज का आयोजन किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। इस भव्य आयोजन से मोड़ का निंबाहेड़ा क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का संदेश फैलाया गया।













