कांवाखेड़ा में जलझूलनी एकादशी पर निकली ठाकुरजी की भव्य रेवाड़ी

पुष्पवर्षा और भजन-कीर्तन से गूंजा क्षेत्र, हरणी महादेव सरोवर में कराया ठाकुरजी का जलाभिषेक

 

भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल।कांवाखेड़ा में जलझूलनी एकादशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कांवाखेड़ा स्थित बालाजी मंदिर प्रांगण से भगवान ठाकुरजी की भव्य रेवाड़ी निकाली गई। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रेवाड़ी के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत बालाजी मंदिर में ठाकुरजी की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद भगवान ठाकुरजी को आकर्षक शृंगार कर पालकी में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर से रेवाड़ी रवाना होने के बाद श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े।

 

रेवाड़ी कॉलोनी के प्रमुख मार्गों से होकर हरणी महादेव सरोवर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। महिलाओं और पुरुषों ने भजन-कीर्तन में भाग लेते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रेवाड़ी में शामिल श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयघोष के साथ भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

 

हरणी महादेव सरोवर पहुंचने पर ठाकुरजी को जल में विराजमान कराया गया। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा की और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। धार्मिक परंपरा के अनुसार जलझूलनी एकादशी पर भगवान को जल विहार कराया गया।

 

आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन में भक्तों की बड़ी भागीदारी रही। रेवाड़ी के दौरान ढोल-बाजे, भजन और धार्मिक जयघोष से कांवाखेड़ा का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।

 

भक्तों ने बताया कि जलझूलनी एकादशी पर हर वर्ष भगवान ठाकुरजी की रेवाड़ी निकालने की परंपरा रही है। इस आयोजन में क्षेत्र के लोग उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं। इस बार भी आयोजन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। देर तक मंदिर और सरोवर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

 

धार्मिक आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान ठाकुरजी से क्षेत्र में सुख-शांति, खुशहाली और अच्छी वर्षा की कामना की। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर निकली भव्य रेवाड़ी ने कांवाखेड़ा में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश दिया।