मारने वाला भी भगवान, बचाने वाला भी भगवान’: नृसिंह लीला के भावपूर्ण वर्णन से भक्तिमय हुआ कथा पंडाल
बालव्यास राधे कृष्ण महाराज बोले—संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, सच्चे भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं
अलकेश पारीक
खजूरी, स्मार्ट हलचल। शिवाजी कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास 15 वर्षीय बालव्यास राधे कृष्ण महाराज ने भक्त प्रह्लाद एवं भगवान नृसिंह अवतार की दिव्य लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरा कथा पंडाल भगवान के जयघोष से गूंज उठा।
कथा के दौरान महाराज ने कहा कि “करने वाला भी भगवान है और बचाने वाला भी भगवान है।” उन्होंने बताया कि जब भक्त पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का स्मरण करता है तो ईश्वर स्वयं उसकी रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और भगवान नृसिंह के प्राकट्य का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सत्य, धर्म और भक्ति की अंततः विजय होती है, जबकि अहंकार और अधर्म का विनाश निश्चित है।
महाराज ने श्रद्धालुओं से जीवन में भगवान के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखने, सदाचार अपनाने तथा धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन समय में भी ईश्वर पर विश्वास रखने वाला कभी निराश नहीं होता।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन एवं भगवान नृसिंह के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु कथा श्रवण के दौरान भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूबे रहे।
आयोजक पंडित रामगोपाल भट्ट ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 30 जून तक प्रतिदिन जारी रहेगा। कथा के अंत में महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
