• राज्य सूचना आयोग का सख्त फैसला: पट्टे की जानकारी समय पर नहीं देने और नोटिस का जवाब न देने पर सियाराम मीणा दंडित
• 15 दिन में वेतन से काटकर जमा करानी होगी राशि
✍️ अक्षय पारीक
खजूरी (जहाजपुर)।स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत खजूरी में आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना को दबाना और समय पर उपलब्ध न कराना लोक सूचना अधिकारी को महंगा साबित हुआ। राज्य सूचना आयोग ने सख्त रवैया अपनाते हुए ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को दोषी माना है।
क्या है पूरा मामला?
- प्रार्थी: रंजीत मीणा पुत्र मांगीलाल मीणा।
- मांगी गई सूचना: छीतर मीणा के पट्टे की प्रतिलिपि (दिनांक 09/11/24)।
- आरोप: समय सीमा में सूचना नहीं दी और आयोग के नोटिस (धारा 20-1) का जवाब नहीं दिया।
- परिणाम: विलंब से सूचना देने और अवमानना के चलते दंडित किया गया।
आयोग की कार्यवाही
आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि लोक सूचना अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी सियाराम मीणा ने बार-बार नोटिस (28/3/25, 26/5/25 और 13/01/26) मिलने के बावजूद लापरवाही बरती।
फैसला: वेतन से होगी वसूली
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत दोषी मानते हुए आयोग ने अधिकारी पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश दिए गए हैं कि यह राशि संबंधित अधिकारी के वेतन से काटकर 15 दिवस के भीतर जयपुर आयोग कार्यालय में जमा करवाई जाए।
