मंडल के 8 गांवों के हजारों सनातनी हुए सम्मिलित,महाराणा प्रताप और झांसी की रानी, राम लक्ष्मण जानकी ओर हनुमान की झांकी सजाई
शहीद परिवार,पूर्व सैनिक,गौसेवको, पर्यावरणविद,खेल,अखाड़ा और वर्षो से रोजाना हरिकीर्तन करने वाले कार्यकर्ताओं का किया स्वागत।
शाहपुरा@(किशन वैष्णव ) रविवार पूर्णिमा को खामोर मंडल के 8 गांवों के सकल हिन्दू समाज द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया।शोभायात्रा निकाली गई जिसमें 1100 कलशों के साथ हजारों मातृशक्ति एवं मंडल के सनातनियों द्वारा डीजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा तेजाजी चौक से शुरू हुई जो चारभुजा मंदिर,सदर बाजार होते हुए नृसिंह मंदिर पहुंची जहां से मुख्य मार्ग होते हुए स्कूल चौराहा से राउमावि पहुंचे।शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में भक्ति, उत्साह, सेवा और धर्मभावना का अद्भुत माहौल उत्पन्न किया। 1100 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा मार्ग पर भगवा स्वागत द्वार,पताकाएं ओर फ़र्रियों से सुशोभित किया गया।इस शोभायात्रा में खामोर मंडल के रामपुरा, प्रतापनगर, देवपुरा, बहका खेड़ा, कल्याणपुरा, गोवर्धनपुरा, आमली कालू सिंह और रेबारी खेड़ा जैसे गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मातृशक्ति शामिल हुए।शोभायात्रा में भव्य झांकियों में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, भगवान राम, लक्ष्मण, माता जानकी और हनुमान के चित्रण ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंडल के अन्य गांवों से भी डीजे और कलश यात्राओं के साथ श्रद्धालु खामोर पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव, उमंग और भक्ति का वातावरण बन गया।शोभायात्रा में जगह जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा से स्वागत किया दुर्गा शक्ति अखाड़ा द्वारा अखाड़ा प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम में संतों में मेवाड़ मंडल के पूर्व अध्यक्ष महंत रामसागर दास महाराज नृसिंह मंदिर हमीरगढ़, संत छैलबिहारी दास महाराज,साध्वी रामज्योति और कैलाश महाराज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इन संतों ने पूरे आयोजन को आशीर्वाद और धार्मिक गरिमा प्रदान की।
मुख्य वक्ता ओम प्रकाश आमेटा ने मंच से संबोधित करते हुए हिन्दू समाज की एकता और समानता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में अभी भी छुआछूत जैसी कुरीतियां विद्यमान हैं, जो हमारी संस्कृति की महानता को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि हर हिन्दू, चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, समान है और समाज में उसे बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए। युवाओं और मातृशक्ति से उन्होंने अपील की कि वे समाज में समानता, भाईचारा और सेवा भाव कायम करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। ओम प्रकाश आमेटा ने कहा कि हिन्दू एकता केवल धार्मिक आस्था से नहीं आती, बल्कि सेवा, सहयोग और मानवता के मूल्यों से आती है। हरिबोल प्रभातफेरी का आयोजन किया गया, जिसमें वर्षों से प्रतिदिन सुबह चार बजे उठकर प्रभातफेरी निकालने वाले सेवाभावी कार्यकर्ताओं को मंच से सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में विशेष सम्मान भीलवाड़ा में गोलीबारी में शहीद हुए खामोर के लाल रतन लाल सेन के सुपुत्र महावीर एवं पुत्रवधू का सम्मान किया। गौ खेल क्षेत्र में 2 बार नेशनल लेवल पर हॉकी में प्रतिनिधित्व करने वाले देवराज गुर्जर,दिलीप रैगर और सुमन कंवर राठौड़ को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
गौ सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मोनू वैष्णव, कालू, राहुल, बाबू, कन्हैया गुर्जर और सियाराम वैष्णव को भी सम्मानित किया गया।वहीं, पक्षीसेवा के क्षेत्र में वर्षों से दाना-पानी देने वाले महावीर जाट और उनके परिवार को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में दुर्गा शक्ति अखाड़ा अंगुचा और खामोर के दुर्गा शक्ति अखाड़ा में सेवा देने वाली बहनों और भाइयों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही पर्यावरणविद के रूप में देबी लाल बावरी और प्रेम चंद को उनके पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।विशेष आकर्षण के रूप में नाइस एजुकेशन स्कूल द्वारा महाराणा प्रताप और पद्मावती जौहर का नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसने महिला शक्ति और समाज में जागरूकता को प्रेरित किया। वहीं,भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी का सुंदर नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किया गया। इस भव्य आयोजन ने खामोर और आसपास के क्षेत्रों में हिन्दू समाज की एकता, समरसता,सेवा भावना, महिला जागरूकता और राष्ट्रभक्ति का सशक्त संदेश दिया।













