लाडपुरा में बारिश के साथ ही खरीफ की बुवाई में जुटे किसान, खेतों में खाद-बीज डालना किया शुरू

शिव जांगिड़

लाडपुरा|स्मार्ट हलचल।लाडपुरा क्षेत्र में रविवार रात अचानक तेज हवाओं के साथ आई आंधी और बारिश ने जहां एक ओर ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कस्बे के साथ ही डामटी, खोखरा, भारिण्डा, बावड़ी खेड़ा, चित्तौडीया, अमरतिया, फूलजी की खेड़ी, श्यामगढ़, टहला, चैनपुरिया, तथा कस्बे के पदमपुरा, रामथली, खगार जी का खेड़ा, सोपुरा मजरा गोविन्दपुरा, सरिया, सारणा, सहित गांवों में अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। बारिश होने से गर्मी से राहत मिली। तीसरे दिन भी दिन रात के तापमान में गिरावट के बावजूद दोपहर बाद तक उमसभरी चिपचिपाहट के चलते पसीने से तरबतर दिखे। शाम बाद आसमां बादलों की आगोश में सिमट गया। दिनभर की उमस और तपिश के बाद देर रात गांवों में आसमां से बरसी राहत की बूंदों से लोगों को राहत मिली। रात भर रुक-रूक कर हल्की बूंदाबांदी एवं मध्यम बारिश का सिलसिला बना रहा। वहीं डामटी खोखरा बांध में पानी की आवक भी शुरू हो गई। इससे पूर्व दिनभर लोग उमस भरी गर्मी से आहत नजर आये। शाम होते-होते करीब साढ़े सात बजे हवाओं के साथ शुरू हुआ बूंदाबांदी का दौर तेज बरसात में तब्दील हो गया।

बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और वह इन दिनों कृषि कार्य में जुट गए। मानसून से पूर्व किसानों ने खेतों को जोतकर तैयार कर रखे थे। खेतों में गोबर के खाद के जगह-जगह ढेर लगा दिए थे। उन्हें बारिश का ही इंतजार था। प्री मानसून के बारिश के साथ ही किसान खेतों पर कृषि कार्य में जुट गए। गांवों में जहां भी बारिश अच्छी हुई है वहीं किसान खेतों में बुवाई में जुट गए है। खाद और बीज के लिए कि किसानों की गांव की दुकानों पर इन दिनों भारी भीड़ दिखने लगी है। आस-पास के गांवों से किसान बाइक लेकर गांव में खाद बीज लेने आ रहे है। बारिश के बाद अब किसान खेतों में बुवाई करने में जुट गए हैं। मौसम विभाग की ओर से 15 जून से प्री मानसून के संकेत से किसान खेतों में उतर गए और दो-तीन दिन से हल्की-फुल्की बारिश होने से खेतों में बुवाई करने में लग गए। मंगलवार को खेतों में बैलों व ट्रेक्टर से बुवाई करने में किसान जुट गए। काश्तकारों का कहना है कि बारिश से जमीन में नमी आ जाने से फसल की बुवाई करने में काफी लाभ मिलेगा। किसानों ने खरीफ की फसल मक्का, मूंगफली, ज्वार, बाजरे, सोयाबिन, उड़द की बुवाई प्रारम्भ की। कृषि कार्य को लेकर किसान इन दिनों बहुत व्यस्त नजर आ रहे हैं। किसानों का खेती के लिए पूरा परिवार जुटा दिखाई दे रहा है।