बागोर थाना क्षेत्र में कथित अपहरण और बेरहम मारपीट का मामला गरमाया
पीड़ित परिवार बोला — “अगर कुछ हुआ तो जिम्मेदार कौन?”
भीलवाड़ा । जिले के बागोर थाना क्षेत्र से सामने आया किसान उत्पीड़न का मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। भामाखेड़ा निवासी मधु लाल खारोल के साथ कथित अपहरण, मारपीट और लूट की घटना के बाद जहां पीड़ित अस्पताल में भर्ती है, वहीं दूसरी ओर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार किसान मधु लाल खारोल बैल लेकर लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दस्तावेज दिखाने और जानकारी देने के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ और कुछ ही देर में कई युवक मौके पर पहुंच गए।“गाड़ी में डालकर ले गए, कई जगह पीटा”
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और फिर जबरन गाड़ी में डालकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। आरोप है कि वहां हाथ-पैर बांधकर मारपीट की गई और मोबाइल व नकदी भी छीन ली गई।
राजसमंद हॉस्पिटल में भर्ती
मारपीट में गंभीर चोटें आने के कारण मधु लाल खारोल को उपचार के लिए राजसमंद हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। सूत्रों के अनुसार उनकी आंख में गंभीर चोट है तथा पूरे शरीर पर सूजन और चोटों के निशान हैं।
मुकदमा दर्ज… लेकिन गिरफ्तारी नहीं
मामले में बागोर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों और परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
परिवार का आरोप — “सिर्फ आश्वासन मिल रहा”
पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की ओर से केवल आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
उठ रहे सवाल
▪️ FIR के बाद भी गिरफ्तारी क्यों नहीं?
▪️ क्या पुलिस किसी दबाव में काम कर रही है?
▪️ क्या पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिलेगी?
▪️ अगर कोई और बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?
ग्रामीणों में आक्रोश
क्षेत्र में लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
अब सबकी नजर बागोर पुलिस प्रशासन पर टिकी है… आखिर कार्रवाई कब होगी?
